332 Traffic Violation : नियमों को ठेंगा, कोर्ट से इस वजह से फरार हो गया एक्टिवा स्कूटर का मालिक, पढ़ें ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

सेकंड हैंड एक्टिवा जिसकी कीमत 40 हजार और उसको ट्रैफिक पुलिस के कब्जे से छुड़वाने के लिए करीब पौने दो लाख का खर्च।

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ट्रैफिक वॉयलेशन का ऐसा ही एक मामला आया है, जो अपने आप में पहला है।

एक्टिवा मालिक गुरेन्द्र सिंह सैनी ने 332 वॉयलेशन कर रखी हैं, जिसके 151 चालान ऑनलाइन कट चुके हैं। लेकिन मनीमाजरा निवासी सैनी ने अभी तक एक भी चालान का भुगतान नहीं किया है।

इन चालानों की कुल कीमत करीब पौने दो लाख रुपए बनती है। चीफ ज्यूडिशियलव मजिस्ट्रेट डा.अमनइंद्र सिंह संधू की कोर्ट में विदाउट हेलमेट के चालान का भुगतान करने पहुंचे गुरेन्द्र सिंह सैनी को जब अपने भारी भरकम चालान राशि का पता चला तो उसके पांव तले जमीन खिसक गई। हालांकि उसे चालान स्लिप देखने के बाद 2000 रुपये का फाइन भरने को कहा गया था।

गुरेन्द्र सिंह ने जज साहिब से कहा कि यह उसका पहला चालान है, उसने कभी गलती नहीं की, इसलिए फाइन थोड़ा कम कर दिया जाए। इस पर जज ने पूरी फाइल चेक की तो उसके चालानों की सेंचुरी लगी हुई थी। जज भी हैरान थे कि इतने सारे चालान और 90 प्रतिशत रेड लाइट जंप के।

जज ने तुरंत उसके लाइसेंस पर लिख दिया कि 6 महीने के लिए सस्पेंड किया जाता है। सैनी खुद भी इतने चालान सुनकर हैरान रह गया और गुस्से में नायब कोर्ट से बहस के बाद बिना चालान का भुगतान किए ही कोर्ट से भाग गया।

मार्च 2022 से 7 फरवरी 2024 तक के चालान

सैनी के एक्टिवा के नंबर के आधार पर जो ऑनलाइन रिकार्ड मिला है, उसके मुताबिक चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के इतिहास में अब तक इतने चालान किसी के नहीं हुए।

सैनी के चालान 27 मार्च 2022 से लेकर 7 फरवरी 2024 तक हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि जब से ऑनलाइन चालान शुरु हुए हैं तब से पहला ऐसा केस सामने आया है कि किसी के इतने ज्यादा चालान हों।

पुलिस ने इस मामले में सैनी के खिलाफ धारा 186,332,353 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है।