हाईकोर्ट में हिमाचल राज्यसभा चुनाव को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई: जिसके नाम की पर्ची निकली वह हार गया, अदालत ने BJP सांसद हर्ष महाजन को नोटिस किया जारी; देना होगा जवाब

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शिमला । राजवीर दीक्षित

जिसके नाम से पर्ची निकली उसे हारा हुआ घोषित कर दूसरे को जीत का दर्जा देने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में कांग्रेस के राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर शनिवार को सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में विजय BJP सांसद हर्ष महाजन को नोटिस जारी किया। एडवोकेट नीरज गुप्ता ने बताया कि अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 मई को होगी।

दरअसल, अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्यसभा चुनाव को हिमाचल हाईकोर्ट में एक याचिका डालकर चुनौती दी है।

इसमें उन्होंने मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद पर्ची से भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को विजय घोषित करने के नियम को गलत बताया है।

उन्होंने कहा कि यदि दो प्रत्याशी को बराबर-बराबर वोट मिलते हैं, उस सूरत में लॉटरी निकालने का जो फॉर्मूला है, उसे गलत तरीके से पेश किया गया है।

अभिषेक मनु सिंघवी के अनुसार, नियम की एक धारणा को उन्होंने याचिका में चुनौती दी है। जब मुकाबला टॉय होता है। उसके बाद पर्ची निकाली जाती है।

जिसकी पर्ची निकलती है, उसे विनर डिक्लेयर होना चाहिए। मगर, अभी जिसकी पर्ची निकली है, उसे हारा हुआ डिक्लेयर किया गया है। यह तो गलत है।

मनु सिंघवी ने इलेक्शन को लीगल ग्राउंड पर चैलेंज किया है।

दरअसल, प्रदेश में बीते 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा के हर्ष महाजन को 34-34 वोट मिले थे।

मुकाबला टॉय होने के बाद लॉटरी से हर्ष महाजन चुनाव जीत गए थे, जबकि निकाली गई पर्ची में अभिषेक मनु सिंघवी का नाम निकला था ।