Paytm बैन मामले में बड़ा खुलासा, इस वजह से RBI ने लिया सख्त एक्शन ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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Target News

नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 31 जनवरी को Paytm पर बड़ी कार्रवाई की।

केंद्रीय बैंक के आदेशानुसार, 29 फरवरी के बाद Paytm पेमेंट्स बैंक में नए लेनदेन, फास्टैग रिचार्ज, वॉलेट में पैसा जमा करने और निकालने पर रोक लगा दी जाएगी।

आरबीआई के इस कदम के बाद एक तरफ Paytm के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली तो दूसरी तरफ ग्राहक भी चिंतित हैं।

आइए समझते हैं कि Paytm पर आरबीआई ने ये कार्रवाई क्यों की।

एक PAN  नंबर से जुड़े 1,000 बैंक खाते

रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक में एक स्थाई खाता नंबर पर 1,000 से अधिक बैंक खाते जुड़े हुए थे।

RBI और लेखा परीक्षकों द्वारा की गई सत्यापन प्रक्रियाओं के दौरान बैंक द्वाारा प्रस्तुत जानकारी में भी खामियां मिली थीं।

इसके अलावा मनी और डाटा ट्रैफिक फ्लो में भी दिक्कतें सामने आई थीं।

आरबीआई ने इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ ही गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी है।

अधूरी KYC के बगौर चल रहे थे खाते

Paytm पर कार्रवाई की बड़ी वजह बगैर सही दस्तावेजों के खोले गए खाते थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे खातों की संख्या करोड़ों में है, जिनकी KYC की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई थी।
इन बगैर केवाईसी वाले खातों से करोड़ों रुपये का लेन-देन भी किया गया था, जिससे आरबीआई को मनी लॉड्रिंग की आशंका पैदा हुई।

आरबीआई का मानना है कि कुछ खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी किया गया है।

मूल कंपनी के साथ भी लेनदेन में गड़बड़ी

पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड है। इसकी पेटीएम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम की मूल ऐप के माध्यम से किए गए लेन-देन में कुछ अनियमितताएं मिली थीं।

इसके अलावा पेटीएम पेमेंट्स बैंक और पेटीएम के बाकी कामकाज में प्रबंधन की भूमिका स्पष्ट नहीं थी।

पेटीएम के कुछ शीर्ष अधिकारी बैंक से जुड़े फैसले भी ले रहे थे। इससे दोनों संस्थानों में हितों के टकराव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।

ED कर सकता है पेटीएम पेमेंट्स बैंक की जांच

राजस्व सचिव ने कहा कि अगर लेनदेन की हेराफेरी का कोई सबूत पाया जाता है तो ईडी पेटीएम पेमेंट्स बैंक की जांच करेगा।

इस बीच पेटीएम ने कहा कि कंपनी और वन97 कम्युनिकेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में ईडी की जांच के दायरे में नहीं हैं।

कंपनी ने कहा कि कुछ व्यापारियों से पूछताछ हुई है और बैंक पूरा सहयोग कर रहा है।

Paytm के 35 करोड़ में से 31 करोड़ खाते निष्क्रिय

पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास करीब 35 करोड़ ई-वॉलेट हैं।

इनमें से 31 करोड़ सक्रिय नहीं है, जबकि 4 करोड़ बहुत कम राशि के साथ सक्रिय हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में निष्क्रिय खातों का उपयोग फर्जी खातों या लेनदेन के लिए किया गया हो सकता है।

KYC में अनियमितता से भी ग्राहकों, खाताधारकों और वॉलेट धारकों को कई जोखिमों का सामना करना पड़ा है।

Paytm के शेयरों में भारी गिरावट

आरबीआई की सख्ती के बाद पेटीएम के शेयरों में तेजी से गिरावट हुई है।

पिछले 2 कारोबारी दिनों में कंपनी के शेयर में लोअर सर्किट लगा है और वे 40 प्रतिशत गिर गए हैं।
एक शेयर की कीमत 760 रुपये से गिरकर 487 रुपये पर आ गई है।

इसके बाक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बी.एस.ई.) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने पेटीएम के शेयरों के लिए दैनिक ट्रेडिंग सीमा को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।

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