Breaking : चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने माना लोकतंत्र की हत्या हुई, चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन के चुनाव अधिकारी पर केस चलाने के आदेश ; सुप्रीम कोर्ट ने मीटिंगों पर लगाई रोक, रिकॉर्ड जब्त ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह को फटकार लगाई।

माननीय CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा यह स्पष्ट दिख रहा है कि बैलेट पेपरों को डिफेस्ड (छेड़छाड़) किया गया है।

उन्होंने कहा क्या इसी तरह चुनाव आयोजित करवाये जाते हैं? क्या यह लोकतंत्र का मजाक नही है? क्या यह लोकतंत्र की हत्या नही है? इस अफसर पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव के पूरे रिकॉर्ड को जब्त कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के पास रखा जाए और बैलट पेपर और वीडियोग्राफी को संभाल कर रखा जाए।

इसके साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि चंडीगढ़ निगम की आगामी बैठक अगले आदेशो तक स्थगित रहेगी।
गठबंधन I.N.D.I.A यानी AAP-कांग्रेस के संयुक्त कैंडिडेट कुलदीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने भाजपा के नए चुने मेयर मनोज सोनकर को हटाकर दोबारा चुनाव की मांग की गई है।

बाकयदा याचिका में दलील दी गई कि चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने वोटों की गिनती में हेराफेरी की है। उनकी तरफ से कांग्रेस नेता और सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें रखी। जिस पर आज सुनवाई हुई।

यह भी जाने गठबंधन के 8 वोट हुए थे इनवैलिड

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में एक सांसद और 35 पार्षदों को मिलाकर 36 वोट थे। इनमें 14 भाजपा पार्षद, एक भाजपा सांसद किरण खेर, 1 अकाली दल और बाकी 20 वोट आप और कांग्रेस पार्षदों के थे।

सभी ने वोटिंग की। चुनाव अधिकारी ने काउंटिंग के बाद कहा कि भाजपा को 16 वोट मिले। वहीं, आप-कांग्रेस के उम्मीदवार को 12 वोट मिले हैं, जबकि 8 वोट इनवैलिड पाए गए। उन्होंने 8 वोटो को रद्द करने का कारण नही बताया था।

मनोज सोनकर भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

चंडीगढ़ के नए चुने गए मेयर मनोज सोनकर ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है। जिसमें कहा गया है कि कुलदीप की याचिका पर कोई फैसला लेने से पहले उनकी बात भी सुनी जाए। उनकी तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी भारद्वाज अदालत में दलीलें रखेंगी।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी कोई राहत

सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले कुलदीप कुमार की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इस पर सुनवाई के दौरान उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसमें जस्टिस सुधीर सिंह और हर्ष बांगर की खंडपीठ ने आप की तरफ से चुनाव को स्टे करने की मांग पर इनकार कर दिया था।

वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर इस पर तीन हफ्ते में जवाब मांगा गया था। वहीं, कुलदीप कुमार की तरफ से इस मामले में जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की गई थी। लेकिन, फिर भी चंडीगढ़ प्रशासन को हाईकोर्ट की तरफ से तीन हफ्ते का समय दे दिया गया है। अब इस मामले में 26 फरवरी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

जाने क्यो सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

आम आदमी पार्टी के पार्षद ने अंतरिम राहत से इनकार करने और याचिका को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की।

हाईकोर्ट में मामला 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका के अनुसार, आप उम्मीदवार ने एक रिटायर्ड न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से नए सिरे से चुनाव कराने के निर्देश मांगे हैं, ताकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से करवाये जा सके।

डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर अर्जी दाखिल करेगी कांग्रेस

अब सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर भी कांग्रेस पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करने जा रही है। कांग्रेस की तरफ से दोनों पदों पर भाजपा के जीते उम्मीदवार कुलदीप सिंह संधू और राजेंद्र शर्मा की जीत को चुनौती दी जाएगी।

कांग्रेस की तरफ से गठबंधन के समर्थन से इन दोनों पदों पर गुरप्रीत गावी और निर्मला देवी को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन विपक्ष के वॉकआउट करने के बाद भाजपा के दोनों प्रत्याशी जीत गए थे।
अचानक आये इस फैसले ने बीजेपी को लेकर बाजार में गर्मी ला दी है। आने वाले दिनों में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा की राजनीति पर इसका असर दिख सकता है।

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