Punjab : CM Bhagwant Mann ने किया गवर्नर Banwari Lal Purohit का Thanks, जानें क्या है मामला ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

24

0

Target News

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को राज्य की विधानसभा द्वारा पास किए गए तीन अहम बिलों को मंजूरी देने के लिए राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित का तहेदिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि पंजाब विधानसभा द्वारा पास किए गए तीन बिलों को राज्यपाल द्वारा हरी झंडी दे दी गई है।

उन्होंने बताया कि इन बिलों में रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2003, तबादला मल्कीयत (पंजाब संशोधन) बिल 2023 और इंडियन स्टैंप (पंजाब संशोधन) बिल 2023 शामिल हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि यह बिल राज्य निवासियों की सुविधा के लिए पंजाब विधानसभा में पास किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी बिल लोगों को तत्काल और निर्विघ्न नागरिक सेवाएं प्रदान करने के लिए मददगार साबित होंगे।

उन्होंने कहा कि इन बिलों का उद्देश्य पंजाब में जरुरी सुधारों के द्वारा व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाना है।भगवंत मान ने आशा व्यक्त की कि इन बिलों को मंजूरी मिलने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। अब वह बड़े आसान और सुचारु ढंग से नागरिक सेवाएं हासिल कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी आशा जताई कि राज्यपाल बाकी रहते बकाया बिलों को भी जल्द मंजूरी दे देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा, जिसको राज्य के तीन करोड़ से अधिक लोगों के मतदान से चुना जाता है, ने बड़े सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखते हुए यह बिल पास किए गए हैं और राज्यपाल की मंजूरी से यह सुनिश्चित बनेगा कि इनको सही अर्थों में लागू किया जाए।

देखें Video : गंगा जी की तरह नंगल में सतलुज आरती का शुभारंभ, पूर्व सांसद अविनाश रॉय खन्ना, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, विधायक सतपाल सत्ती, आप नेता संजीव गौतम हुए शामिल।

भगवंत मान ने कहा कि ‘जब जागो, तब सवेरा’ और राज्यपाल का फैसला स्वागत योग्य कदम है। बता दें कि मल्कीयत का तबादला (पंजाब संशोधन) बिल 2023 का उद्देश्य समूचे पंजाब राज्य को इक्वीटेबल (गिरवीनामा) की सुविधा प्रदान करना है क्योंकि इस बिल से समूचे राज्य को समान कानूनी सुविधा मिलेगी और पंजाब के खजाने को भी बकाया स्टैंप ड्यूटी प्राप्त होगी।

इसके साथ ही, ऐसे ऋणों पर स्टैंप ड्यूटी को राज्य भर में घटाकर 0.25 फीसदी किया जा रहा है, जोकि एक लाख के ऋण पर केवल 250 रुपए और एक करोड़ रुपए के ऋण पर केवल 25,000 रुपए बनता है।
इस तरह पंजाब राज्य में आम लोग बहुत कम पैसों में कानूनी तौर पर बराबरी वाले गिरवीनामे का लाभ उठा सकेंगे।

इसी तरह, रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2023 भी जरुरी था, क्योंकि जब भी किसी राज्य अधिकारी या सिविल अदालत द्वारा सार्वजनिक नीलामी (बोली) में जायदाद बेची जाती है, तो उस अधिकारी द्वारा एक बिक्री सर्टिफिकेट जारी किया जाता है जिस पर 3 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगाई जाती है, परंतु यह बिक्री सर्टिफिकेट मौजूदा कानून के अनुसार रजिस्टर्ड नहीं है, इसलिए आम तौर पर ऐसे बिक्री सर्टिफिकेट पर न तो स्टैंप ड्यूटी अदा की जाती है और न ही यह रजिस्टर्ड होता है।

कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ सरकार को इस प्रक्रिया में करोड़ों रुपए की स्टैंप ड्यूटी का भी नुकसान होता है और अदालती केस होने के कारण उक्त बिक्री सर्र्टिफिकेट पर सही स्टैंप ड्यूटी न लगने के कारण खरीददार को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

इसलिए यह बिल इस दस्तावेज को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन योग्य दस्तावेज बनाता है, जिससे पंजाब सरकार को बिक्री सर्टिफिकेट में बकाया स्टैंप ड्यूटी प्राप्त हो और आम लोगों को किसी किस्म की कानूनी समस्या का सामना न करना पड़े?

इसी तरह इंडियन स्टैंप (पंजाब संशोधन) बिल, 2023 पारिवारिक रिश्तों से बाहर मुख्तयारनामे (पावर ऑफ अटार्नी) से संबंधित हैं क्योंकि मौजूदा समय में जमीन की असली कीमत विचारे बिना ही ऐसे मुख्तयारनामे में केवल 1000/- रुपए से 2000/- रुपए स्टैंप ड्यूटी लगाई जाती है।

इस सुविधा का दुरुपयोग करके, बिक्री डीड पर लगाई गई स्टैंप ड्यूटी को बचाने के लिए, अक्सर जायदादों को पावर ऑफ अटार्नी के द्वारा गैर कानूनी तौर पर बेच दिया जाता है, जबकि पावर ऑफ अटार्नी को किसी भी समय रद्द किया जा सकता है और किसी भी तरीके से इसकी कानूनी मान्यता किसी भी तरह बिक्री डीड के बराबर नहीं है।

पंजाब सरकार को राजस्व के बड़े नुकसान के अलावा इस प्रक्रिया में कई तरह की कानूनी अड़चनें (मुकद्दमेबाजियां) भी हैं। इन गैर-कानूनी अनियमितताओं को रोकने के लिए, प्रस्तावित संसोधन के द्वारा पारिवारिक संबंधों से बाहर जारी किए गए मुख्तयारनामों पर 2 प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव है। इससे पंजाब के खजाने में वृद्धि होगी और आम लोगों को जायदाद संबंधी कई कानूनी अड़चनों का सामना करने से बचाया जा सकेगा।