मनीष तिवारी को लेकर श्री आनंदपुर साहिब में सरे-राह कांग्रेसियों से पूछ रहे है लोग “की होया तुहड्डा एम.पी इथो भगोड़ा हो गया” : चंडीगढ़ प्रचार में आएंगे लोग बताएंगे सांसद का श्री आनंदपुर साहिब में कारनामा।

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चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब । राजवीर दीक्षित

अपना जुगाड़ व राजनीतिक साजिश कर चंडीगढ़ से कांग्रेस की टिकट पाने वाले मनीष तिवारी की राह आसान नजर नही आ रही है। पिछले 5 साल तक सांसद बनने के बावजूद श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा में न आने के कारण अब जनता का गुस्सा श्री आनंदपुर साहिब में कांग्रेस के खिलाफ खूब दिख रहा है।

वहां लोग आम तौर पर सरगर्म इंका नेतायों से पूछ लेते है कि “की होया तुहड्डा एम.पी इथो भगोड़ा हो गया” जिनका जवाब कांग्रेसी नेता नही दे पा रहे। यहां की एक संस्था नंगल बचायो संघर्ष कमेटी ने कहा है कि जिस तरह से श्री आनंदपुर साहिब के लोगों को कांग्रेस ने 5 साल ठगा है उसका जवाब इन लोकसभा चुनावों में जरूर दिया जाएगा।

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सांसद मनीष तिवारी को लेकर एक 15 सदस्य कमेटी का गठन भी नंगल में किया जा रहा है जो पड़ोसी लोकसभा हल्का चंडीगढ़ में जाकर लोगों को जागरूक करेगी व बताएगी की किस तरह उक्त सांसद ने यहां से दूरियां बनाकर इलाके के तमाम केंद्रीय प्रोजेक्टो को प्रभावित किया है।

आपको बता दे नंगल जैसे खूबसूरत शहर का तमाम करोबार 4 साल लेट हुए फ्लाईओवर पुल के निर्माण से पूरी तरह से खत्म हो गया। 3 साल यहां के लोगो ने 4-4 घण्टो लंबी लाइन में लग कर काटे। आप को यह भी सुन कर हैरानी होगी इस बहुकरोड़ी ‘फ्लाईओवर’ प्रोजेक्ट को लाने के लिए भाजपा के पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल ने नितिन गड़करी के यहां कई चक्कर लगाए और इसे पास करवाया,लेकिन प्रदेश में अकाली भाजपा सरकार बदलते ही कांग्रेसियों ने इसे शुरू करवाने में अपनी उपलब्धी बताया। जिसमें मनीष तिवारी खूब बयानबाजी करते रहे।

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उसके बाद यह प्रोजेक्ट डेढ़ साल में बन कर तैयार होना था लेकिन उस समय सीमा के बाद भी 4 साल तक कछुआ चाल के साथ बनता रहा, इलाके की जनता त्राहि त्राहि कर बैठी, हर तरफ जाम की स्थिति बनी रही, लेकिन मजाल है कांग्रेसी सांसद मनीष तिवारी ने कभी भी इस मामले में कोई ब्यान या केंद्र में इस बात की पैरवी की हो।

चंडीगढ़ जैसे खूबसूरत शहर की अगुवाई करने ‘पैराशूट’ की तरह पहुंचे मनीष तिवारी को लेकर कांग्रेस में भी नाराजगी है। कांग्रेस के शीर्ष नेता यह आम कहते सुने गए है कि, पेड़ हमने लगाया जब उसकी छांव में बैठने का समय आया तो इसका हकदार कोई बाहरी बन कर आया, यह तो नही चलेगा। कांग्रेसी मनीष तिवारी को जबरदस्त तरीके से सबक सिखाने की तैयारी कर रहे है।

उधर चंडीगढ़ की एक वेलफेयर संस्था का तो यहां तक कहना है बाहरी को मौका देकर पछताने से तो अच्छा है हम उसे आगे लाये जिसको लेकर देश भर में इस बात की लहर है कि आएगा तो….ही। उक्त संस्था का यह भी कहना है चंडीगढ़ का सीधा संपर्क केंद्र से है। अगर केंद्र में कोई सरकार और यहां कोई दल का सांसद जीत गया तो यकीनन इस का नकारात्मक असर चंडीगढ़ में देखने को मिलेगा।