अपनी अलग डफली बजा रहे इस कांग्रेसी नेता पर हाईकमान सख्ती बरतने की मूड में..भेजा नोटिस, सिद्धू ने कही ऐसी बात कि अटकलें शुरु ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

बीते विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा चुनावों से ठीक पहले अपनी अलग ‘डफली’ बजा रहे नवजोत सिद्धू पर हाईकमान सख्ती करने के मूड में दिख रही है।

पंजाब के अन्य नेताओं से हट कर अलग रैलियां, बैठकें करने वाले नवजोत सिद्धू को हाईकमान ने शो-काज नोटिस जारी कर दिया है।

बता दें कि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस पंजाब में अपनी चुनावी रणनीति बनाने की तैयारी में है। इसके मद्देनजर 1 फरवरी को कांग्रेस चुनाव समिति की अहम बैठक हुई थी।

इस बैठक से पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे। उन्होंने कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ अलग से बैठक की।

अब इस मामले में कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिद्धू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने सिद्धू को नोटिस जारी किया है।

पंजाब कांग्रेस से जुड़े पुख्ता सूत्रों से पता चला है कि पार्टी ने नवजोत सिंह सिद्धू के कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बताया जा रहा है कि 11 फरवरी को पंजाब में लुधियाना के समराला में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़ग़े की रैली है।

रैली के बाद पार्टी सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस के तमाम नेता भी कांग्रेस प्रभारी देवेन्द्र यादव के सामने एकजुट हो गए हैं।

नोटिस मिलने के बाद भी सिद्धू के तेवर वैसे ही हैं। नोटिस के कुछ देर बाद नवजोत सिद्धू ने शायराना अंदाज में एक्स पर लिखा कि – ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलत! सब किरायेदार हैं, मकान बदलते रहते हैं।

सिद्धू के मकान बदलते रहने के इस ट्वीट के बाद राजनीतिक हल्कों में अटकलें लगाई जा रही है। चर्चाएं हैं कि नवजोत सिद्धू फिर से भाजपा में जा सकते हैं।

देवेन्द्र यादव की मीटिंग में नहीं पहुंचे थे सिद्धू

बता दें कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा देवेन्द्र यादव को पंजाब का प्रभारी बना कर भेजा गया था। जोकि अलग क्षेत्रों में मीटिंग कर रहे थे।

पंजाब में लोकसभा चुनाव को लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में प्रभारी देवेन्द्र यादव की मौजूदगी में अहम बैठक हुई थी।

सिद्धू उक्त बैठक में शामिल नहीं हुए। लेकिन उन्होंने पूर्व अध्यक्ष लाल सिंह, शमशेर सिंह दूलों और महेन्द्र केपी के साथ अलग से बैठक की और उसका फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शेयर की।

एक महीने से चल रहा शीत युद्ध

प्रताप सिंह बाजवा व सिद्धू में जंग एक महीने से चल रही है। दिसंबर में नवजोत सिद्धू ने बठिंडा में रैली की। इसी दिन शाम को प्रताप बाजपा लुधियाना के खन्ना पहुंचे।

उन्होंने सिद्धू को दो-टूक नसीहत देते हुए कहा कि वह अपना अलग अखाड़ा न लगाएं। यह अच्छी बात नहीं है। सिद्धू पार्टी के साथ चलें। पार्टी के मंच पर आएं।

बाजवा सिद्धू पर तंज कसने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि सिद्धू के प्रधान रहते कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में 78 से 18 सीटों पर आ गई।

इस पर सिद्धू ने पलटवार करते हुए कहा था कि मुझे बहुत खुशी होगी, अगर कांग्रेस की विचारधारा, पंजाब के पुनर्रुद्धार के एजेंडे का प्रचार करने और वर्तमान सरकार को जन कल्याण के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए 100 कांग्रेसी भी एक गांव या शहर में इक्टठा हों।

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