पंजाब – स्कूल में एडमिशन को लेकर मान सरकार का अहम फैसला ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

पंजाब की मान सरकार द्वारा शिक्षा क्रांति अभियान के तहत एक और बड़ा फैसला लिया है।

अब नए शैक्षणिक सत्र से 3 साल का बच्चा भी सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकेगा।

पहली बार 2024 के नए सत्र से सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं भी शुरु की जा रही हैं।

इससे पहले पंजाब में केवल प्री-प्राइमरी 1 और प्री-प्राइमरी 2 कक्षाएं ही चल रही थीं।
अब नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं भी होंगी।

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माता-पिता के लिए अच्छी खबर है कि उन्हें अपने बच्चों का दाखिला और पंजीकरण कराने के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

दाखिले और रजिस्ट्रेशन के लिए आपको घर बैठे ई-पंजाब पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिला लिंक से जुडऩा होगा।

पंजाब में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक दाखिले के लिए शिक्षा विभाग 9 फरवरी से विरासत-ए-खालसा ऑडिटोरियम श्री आनंदपुर साहिब से अरदास करके अभियान शुरु करेगा।

इस बार शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी में 10 प्रतिशत, प्राइमरी से पांचवीं तक 5 प्रतिशत तथा सेकेंडरी छठी से 12वीं तक 5 प्रतिशत नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए राज्य, जिला ब्लाक, केंद्र और स्कूल स्तर पर समितियां बनाई गई हैं।

शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा। हर दिन प्रवेश की समीक्षा की जाएगी।

अब छात्र घर बैठे किसी भी कक्षा में नामांकन और पंजीकरण करा सकेंगे।

छात्र ई-पंजाब पोर्टल पर ऑनलाइन एडमिशन लिंक के माध्यम से प्रवेश और पंजीकरण फार्म भर सकते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया नियमानुसार एवं दस्तावेजों के अनुसार पूर्ण की जाएगी। एक टोल फ्री नंबर 18001802139 भी जारी किया गया है।

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वैन, चार पहिया वाहन, साउंड सिस्टम, फ्लेक्स, विज्ञापन, जलपान के लिए दो दिनों के लिए 22 हजार रुपये प्रति जिला बजट किया जाएगा।

तीन दिन के लिए 28 हजार रुपये का बजट तय किया गया है।

शिक्षा विभाग ने दाखिले को लेकर राज्य, जिला, ब्लॉक, केंद्र और स्कूल स्तर पर कमेटियों का गठन किया है।

पंजाब के स्कूलों में छात्रों को मिलेंगे मौसमी फल

पंजाब से स्कूलों में अब स्टूडेंट्स को हफ्ते में एक बार मिड डे मिल में केले की जगह मौसमी फल खाने को दिए जाएंगे।

इन फलों में किन्नू, अमरुद, लीची, बेर, सेब व आम तक शामिल हैं।

इसका आगाज 12 फरवरी से होगा।

इस चीज को अब मिड डे मील के मेन्यू में शामिल किया गया है।

इसके लिए शिक्षा विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

हालांकि, अप्रैल से शुरु होने वाले नए सेशन में इस संबंधी मौसमी फलों की उपलब्धता के हिसाब से आदेश जारी किए जाएंगे।

इससे पहले जनवरी में केला देने का फैसला लिया गया था। सर्दी की छुट्टियां होने से प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पा रहा था।

सीएम की मीटिंग में फैसला लिया गया

स्टूडेंट्स को मौसमी फल देने का फैसला सीएम भगवंत मान की अगुवाई में हुई मीटिंग में लिया गया है।

इसके पीछे कोशिश यह भी है कि अपने स्थीनीय फल उत्पादकों को भी लाभ हो सके। साथ ही स्टूडेंट्स की सेहत का ख्याल रखा जाए।

काफी समय से इस मामले में विधायकों और कृषि माहिरों द्वारा उठाया जा रहा था।

स्कीम में प्रति स्टूडेंट्स 5 से 6 रुपये खर्च करने की योजना है।

यह सारी रणनीति पूरे मंथन के बाद बनी है।

18.35 लाख स्टूडेंट्स कर रहे हैं पढ़ाई

राज्य में इस समय 19120 सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से 8वीं तक 18.35 लाख स्टूडेंट्स को दोपहर का खाना परोसा जाता है।

प्रति स्टूडेंट्स 6 रुपए मौसमी फल पर खर्च किए जाएंगे, इस हिसाब से सालाना 52.86 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

वहीं, केंद्र सरकार द्वारा मिड डे मील स्कीम के तहत 456 करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं।

सरकार द्वारा साल में 2 से 3 बार मौसम के हिसाब से मिड डे मील के मेन्यू में बदलाव किया जाता है।

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