बैंक के कर्जदाताओं के लिए अहम खबर, आरबीआई ने किया ये ऐलान ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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Target News

नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग के नतीजों का ऐलान हो गया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बार फिर से रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकां दास बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी इन दरों को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है।

इसका मतलब है कि आपकी ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। बैठक में 6 में से पांच सदस्य रेपो रेट को यथावत रखने के पक्ष में थे।

फरवरी 2023 से यथावत है रेपो रेट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में आखिरी बार बीते साल 8 फरवरी, 2023 को इजाफा किया था। तब आरबीआई ने इसे 25 बेसिस प्वाइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।

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तब से लगातार छह मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एम.पी.सी.) की मीटिंग में इन दरों को यथावत रखा गया है और इस बार भी पहले ही इसमें कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद जताई जा रही थी।

रेपो रेट के साथ ही रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। एमएसएफ रेट और बैंक रेट 6.75 प्रतिशत पर बरकरार है। जबकि, एसडीएफ रेट 6.25 प्रतिशत पर स्थिर है।

जी.डी.पी. ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने का अनुमान

आरबीआई गवर्नर शक्तिदास कांत ने रेपो रेट को स्थिर रखने के ऐलान के साथ ही महंगाई को लेकर कहा कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर मोनेटरी पॉलिसी कमेटी की नजर है।

महंगाई में नरमी देखने को मिल रही है। इसे देखते हुए एमपीसी बैठक में महंगाई का लक्ष्य 4 प्रतिशत पर कायम रखा गया है।

शक्तिकांत दास ने जीडीपी ग्रोथ को लेकर कहा कि एफवाई24 में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7 प्रतिशत के ऊपर रखा गया है।

इससे पहले के अनुमान में भी रिजर्व बैंक ने इस 7.3 प्रतिशत पर रखा था।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेक्टर में डिमांड में लगातार मजबूती दिख रही है।

एफवाई के लिए रिटेल महंगाई दर का अनुमान 4.5 प्रतिशत है।

जबकि एफवाई24 के लिए रिटेल महंगाई का अनुमान 5.4 प्रतिशत पर बकररार रखा गया है।

इसके अलावा आरबीआई ने फाइनेंशियल ईयर 2025 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.7 से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।

जबकि दूसरी तिमाही में जीडीपी अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत किया गया है। तीसरी तिमाही में 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.9 प्रतिशत रखा गया है।

ईएमआई पर ऐसे असर डालता है रेपो रेट

रेपो रेट वह दर है, जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कम की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है।

रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

वास्तव में रेपो रेट का असर आम लोगों द्वारा बैंकों से लिए गए लोन की ईएमआई पर देखने को मिलता है।

अगर रेपो रेट में कटौती होती है तो आम लोगों की होम और कार लोन की ईएमआई घट जाती है और अगर रेपो रेट में इजाफा होता है तो कार और होम लोन की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती है।

देश की अर्थव्यवस्था मजबूत

शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि बीते एक साल से भारतीय करेंसी में स्थिरता कायम है और ये आगे भी कायम रहेगी।

उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन से संबंधित नए झटकों पर सतर्क रहने की जरुरत है।

इस वर्ष हेडलाइन मुद्रास्फीति काफी अस्थिरता के साथ ऊंची बनी हुई है और अभी तक 4 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है।

हालांकि, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बीच देश की अर्थव्यवस्था मजबूती दिखा रही है।

उन्होंने कहा कि देश की इकोनॉमिक ग्रोथ तेज हो रही है और यह ज्यादातर पूर्वानुमानों से आगे है।

 

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