हरियाणा पंजाब सीमा बॉर्डर बंद करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा: आज होगी सुनवाई; इंटरनेट बंद करने के आदेश को भी दी गई चुनौती ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में बॉर्डर सील किये जाने का मामला पहुंच गया है।

किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए हरियाणा सरकार के इंतजामों हवाला देते उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है।

दिल्ली के वकील ने यह याचिका दायर कर बॉर्डर बंद करने और इंटरनेट पर रोक को चुनौती दी है। हाईकोर्ट में कल यानी आज इस पर सुनवाई होगी।

याचिका दायर करने वाले दिल्ली के वकील उदय प्रताप खबरूप ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना है। इसके बावजूद हरियाणा सरकार ने पंजाब से लगते बॉर्डर सील कर दिए हैं।

इसके अलावा 15 जिलों में धारा 144 लगाई गई है। 7 जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। लोगों में दहशत बनाई जा रही है।

उन्होंने दलील दी कि बॉर्डर बंद करने और मोबाइल इंटरनेट, SMS बंद किए जाने से एक तरफ किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार का हनन किया जा रहा है तो दूसरी तरफ आम लोगों को भी परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इस याचिका में हरियाणा और पंजाब सरकार के साथ चंडीगढ़ प्रशासन को भी पार्टी बनाया है।

उन्होंने हाईकोर्ट में दायर रिट में मांग की कि हरियाणा सरकार के किसानों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाए सभी कदमों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

रविवार से प्रदेश के 7 जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया। यह सभी जिले पंजाब की सीमा से सटे हुए हैं।

होम सेक्रेटरी टीवीएसएन प्रसाद ने इसको लेकर ऑर्डर शनिवार को जारी किए थे। जहां इंटरनेट बंद है, उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिला शामिल हैं।

इन जिलों में 11 फरवरी को सुबह 6 बजे से 13 फरवरी की रात 11.59 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं।

जारी आदेशों के अनुसार, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि के माध्यम से मैसेज नहीं भेजे जा सकेंगे।

लोगों की सुविधा को देखते हुए इस अवधि के दौरान पर्सनल मैसेज भेजने, फोन रिचार्ज करने, बैंकिंग SMS, वायस कॉल, ब्रॉडबैंड के माध्यम से इंटरनेट सर्विस, कॉर्पोरेट और घरेलू लाइन सुचारु रूप से जारी रखी गई हैं।

आज इस रिट पर फैसला आने का अनुमान है।