Mohalla Clinic में धांधली का संशय, सिविल सर्जन ने दिए ऑडिट के आदेश ➡️ न्यूज Link न खुलने पर पहले 92185 89500 नम्बर को फोन में save कर लें।

11

0

Target News

मोहाली । राजवीर दीक्षित

पंजाब सरकार द्वारा आम लोगों के लिए खोले गए मोहल्ला क्लीनिक अब संदेह के घेरे में हैं।

दरअसल, लुधियाना के सिविल सर्जन ने कुछ महल्ला क्लीनिकों के ऑडिट के आदेश जारी किए हैं। क्योंकि उन्होंने आउट पेशेंट विभाग के डेटा में अनियमितता देखी है। जिसके बाद 28 मोहल्ला क्लीनिकों को नोटिस जारी किया गया है।

पंजाब के लुधियाना में आम आदमी पार्टी के मोहल्ला क्लीनिकों में आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) डेटा में अनियमितताओं के कारण फर्जी प्रवेश घोटाले का संदेह है।

चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन में लोकतंत्र की हुई हत्या – सुप्रीम कोर्ट : देखें Video इस लिंक को Click करें ।

इसके चलते अब क्लीनिक जांच के दायरे में आ गए हैं। इससे पता चला कि 75 में से 28 मोहल्ला क्लीनिकों में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है, कुछ में दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 के बीच 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है।

लेकिन फिर भी इन मोहल्ला क्लीनिकों में प्रवेश दर काफी ऊंची है। इससे इन क्लीनिकों पर जांच की तलवार लटक गई है।

सिविल सर्जन डॉ. औलख ने 28 क्लीनिकों को नोटिस दिया है। कई क्लीनिकों ने काफी अधिक रोगियों की सूचना दी है।

इसके चलते सिविल सर्जन ने कुल 75 क्लीनिकों में से 28 क्लीनिकों को नोटिस जारी किया है। इन अत्यधिक विजिट किए जाने वाले क्लीनिकों में ओपीडी की संख्या कम से कम 40 प्रतिशत कम हो गई है।

सरकार मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत डॉक्टरों को प्रति मरीज 50 रुपये का भुगतान करती है। इसके अलावा, फार्मासिस्टों और क्लिनिक सहायकों को प्रत्येक मरीज के लिए 12 और 10 रुपये का भुगतान किया जाता है।

डॉक्टरों को भी लगभग 63,000 रुपये का निश्चित मासिक वेतन मिलता है, जबकि क्लीनिक सहायकों और फार्मासिस्टों को क्रमश: 11,000 रुपये और 12,000 रुपये का न्यूनतम वेतन दिया जाता है। कई क्लीनिक अधिक कमीशन पाने के लिए फर्जी डेटा लॉग कर रहे हैं।

नये सिविल सर्जन डॉ. जसबीर सिंह औलख ने तीन माह तक रिक्त रहे पद के बाद ने 15 दिसंबर को सुपरवाइजरी सीट का कार्यभार संभाला है। उन्होंने उन क्लीनिकों को नोटिस जारी किया है जो प्रतिदिन असामान्य संख्या में मरीजों की रिपोर्ट करते हैं।

पत्र में सिविल सर्जन ने जिला टीकाकरण अधिकारी- कम नोडल अधिकारी आम आदमी क्लीनिक डॉ मिनिषा खन्ना को मामले की तुरंत जांच करने को कहा है।

उन्होंने लिखा कि उनके संज्ञान में आया है कि लुधियाना जिले में अब तक 75 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में दैनिक आधार पर अलग-अलग ओपीडी नंबर हैं। इसलिए उन चिकित्सा अधिकारियों का ऑडिट कराना जरुरी है। सिविल सर्जन ने आगे निर्देश दिया कि ऑडिट रिपोर्ट सात दिनों के भीतर पूरी कर ली जाए।

  • The Target News के Whatsapp ग्रुप में शामिल हों, फेसबुक, यू-ट्यूब, इंस्टाग्राम पर Page को Like OR Follow करें। ➡️ ➡️ खबर का Link न खुलने पर 92185 89500 नम्बर को तुरंत फोन में सेव करें। Click करें