खास खबर: पंजाब के मंत्री हरजोत बैंस ने किया था खुलासा, UP पुलिस 8 बार खाली लौटी लेकिन माफिया को जेल में रखने के लिए कांग्रेस ने खर्च दिए 55 लाख रुपए। जानें सारी जानकारी

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

माफिया व बाहुबली Mukhtar Ansari जब तक पंजाब की जेल में बंद रहा तब तक आठ बार उसे लेने आई यूपी पुलिस बैरंग वापिस लौट गई, जी हां यह खुलासा विधानसभा में आप विधायक व कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस कर चुके है।

आपको बता दे रूपनगर की जेल में दो वर्ष ढाई माह बंद रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी का नेटवर्क कितना मजबूत था। उसकी पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि उसे लेने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस आठ बार पंजाब पहुंची थी, लेकिन उसे हर बार खाली हाथ वापस जाना पड़ा था।

केवल एक बिल्डर की शिकायत पर मुख्तार के खिलाफ मोहाली के थाना मटौर में आठ जनवरी, 2019 को फिरौती मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। 21 जनवरी को पंजाब पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह अप्रैल, 2021 को उसे उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपा गया था।

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मुख्तार अंसारी को रूपनगर जेल की बैरक नंबर 16 में रखा गया था। उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन अमरिंदर मुख्यमंत्री थे। सुखजिंदर सिंह रंधावा जेल मंत्री थे।

2022 के विधानसभा चुनाव में भी अंसारी को विशेष सुविधाएं देने का मुद्दा बेहद गर्म रहा था। बाकयदा उसका परिवार भी उसे मिलने बिना किसी शेड्यूल या पूछताछ में जेल में आता जाता था। अंसारी जेल से ही नजायज उगाही का कारोबार करता था जिससे उसने करोड़ो रुपए की संपत्ति अर्जित की थी। जिसे बाद में ईडी ने अटैच कर दिया था।

इस बाहुबली पर यह भी आरोप लगा था कि अंसारी के कांग्रेस नेताओं से संबंध थे। फर्जी केस बनाकर उसे पंजाब की जेल में रखा गया और उसकी खातिरदारी पर करीब 55 लाख रुपये खर्च हुए थे।

अदालत में उसका केस लड़ने के लिए भी सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए। 2022 में जब आम आदमी पार्टी सत्ता में आई तो अंसारी को लेकर पंजाब विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ था। उस वक्त आप सरकार के जेल मंत्री रहे हरजोत सिंह बैंस के खुलासों ने पंजाबियों को हैरान परेशान कर दिया था।

जेल मंत्री हरजोत बैंस ने कांग्रेस सरकार में जेल मंत्री रहे सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने अंसारी को जेल में विशेष सुविधाएं देने का आरोप लगाया था।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार में माफिया की आवभगत की जाती थी। यह भी कहा था कि यह पैसे कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मंत्री से वसूले जाएंगे।

आपको बता दें, उसे अंसारी को रूपनगर की जेल में रखने के चक्कर मे ही पंजाब सरकार के 55 लाख का खर्च आया था। जिसे देने के लिए मान सरकार ने मना कर दिया था।