अब पंजाब से बसों की एंट्री चंडीगढ़ में नहीं होगी, क्या है मामला, पढ़ें सारी जानकारी

[google-translator]

The Target News

मोहाली । राजवीर दीक्षित

बसों के परिचालन को लेकर पंजाब रोडवेज परिवहन निगम और चंडीगढ़ परिवहन निगम के बीच विवाद चल रहा है। इसके चलते पीआरटीसी कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि वे बसें चंडीगढ़ नहीं ले जाएंगे।

पीआरटीसी के यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट ने चंडीगढ़ में बसों की एंट्री फीस बढ़ाकर 600 रुपये प्रति एंट्री कर दी है, जिसके विरोध में वे आज से चंडीगढ़ में पंजाब रोडवेज की बसें नहीं चलाएंगे।

यूनियन के सदस्य गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 27 मार्च को हुई ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक में यूनियन ने अपनी जायज मांगों को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन, सीटीयू प्रशान और पंजाब सरकार को मांग पत्र भेजा था।

इसमें कहा गया था कि पंजाब में सीटीयू की बसें अवैध रूप से चल रही हैं, 2008 में हुए समझौते के मुताबिक उन्हें 29,562 किलोमीटर के अंदर बसें चलानी थीं, लेकिन सीटीयू ने ज्यादा बसें खरीद लीं और पंजाब में दोगुने दायरे में बसें चलाई जा रही हैं। इससे पीआरटीसी को बड़े पैमाने पर घाटा हो रहा है। विरोध स्वरूप बसें चंडीगढ़ नहीं भेजी जानी चाहिए।

इसके साथ ही यूनियन के सदस्यों का कहना है कि चंडीगढ़ बस स्टैंड पर ड्राइवरों और यात्रियों को अच्छी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। दुकानदारों द्वारा यात्रियों को भी बड़े पैमाने पर लूटा जा रहा है।

आपको बता दें कि आज भी कई बसें चंडीगढ़ में प्रवेश नहीं कर पाई हैं। इसलिए पंजाब के विभिन्न जिलों से आने वाली बसें केवल मोहाली बस स्टैंड पर ही रुकीं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा।