पंजाब में बच्ची की हत्यारिन को फांसी की सजा: फैसला सुनते ही रो पड़ी हत्यारिन; बोली-जज साहब, मेरे भी 2 बच्चे हैं, रहम करो

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चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

ढाई साल की बच्ची को जिंदा दफनाने वाली पड़ोसन महिला नीलम को लुधियाना अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है। महिला ने बच्ची दिलरोज को पहले किडनैप किया। इसके बाद गड्‌ढा खोदकर उसे जिंदा दफना दिया। इससे उसकी मौत हो गई।

सजा सुनते ही नीलम ने कहा, ‘जज साहब, प्लीज मुझे बख्श दो। मेरे भी दो बच्चे हैं।’ इसके बाद बच्ची की हत्यारी नीलम जज के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने जज से रहम की अपील भी की, लेकिन सजा पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि इस तरह के मामले में कोई अपील नहीं बनती।

आपको बता दे लुधियाना के शिमलापुरी इलाके से बच्ची दिलरोज को स्कूटी पर किडनैप कर सलेम टाबरी इलाके में गड्ढा खोद कर जिंदा दफन कर दिया था। इस मामले में बीते शुक्रवार को सेशन जज मुनीष सिंघल की अदालत ने उसे दोषी ठहराया था।

नीलम को फांसी की सजा होने के बाद दिलरोज के पिता हरप्रीत सिंह ने कहा कि आज उन्हें इंसाफ मिला है। इसके लिए वह कानून का और देश के सिस्टम का आभार जताते हैं।

दिलरोज के पुलिसकर्मी पिता हरप्रीत सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह अपने बच्चों के लिए बाजार से खिलौने और चीज लेकर आते रहते थे। नीलम का तलाक हो चुका था। इसलिए, वह अपने बच्चों के लिए यह सब नहीं ला पाती थी। इससे वह उनकी बेटी से रंजिश रखने लगी।

इसके बाद एक दिन वह दिलरोज को स्कूटी पर बिठाकर ले गई और उसे गड्‌ढा खोदकर जिंदा दफना दिया। इससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस को दी शिकायत में परिजनों ने बताया था कि दिलरोज घर से गायब हुई थी। इसके बाद उसकी अपने स्तर पर तलाश की गई।

नीलम भी दिलरोज की तलाश करने का नाटक कर रही थी। बाद में किडनैपिंग के शक में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची और इलाके में CCTV कैमरे चेक किए।

इस दौरान पुलिस को दिखा कि नीलम ही बच्ची को स्कूटी पर बैठाकर ले जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने नीलम को हिरासत में ले लिया।

पुलिस पूछताछ में बोली नीलम- मैंने जिंदा दफनाया

पुलिस की पूछताछ में नीलम ने दिलरोज की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि वह दिलरोज को एल्डिको के नजदीक खाली जगह पर ले गई।

वहां उसने गड्ढे में उसे जिंदा दफन किया। नीलम के इस खुलासे के बाद पुलिस और परिवार उस जगह पहुंचे और बच्ची को गड्ढे से बरामद किया।

बच्ची को तुरंत DMC अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। आज उस मामले में कोर्ट ने नीलम को फांसी की सजा सुनाई है।