Home Chandigarh चैत्र नवरात्रि 2026 का दुर्लभ संयोग

चैत्र नवरात्रि 2026 का दुर्लभ संयोग

चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित

Rare and unique coincidence of Chaitra Navratri 2026

इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत एक बेहद दुर्लभ और अनोखे संयोग में हो रही है, जिसने श्रद्धालुओं के बीच खास उत्साह और जिज्ञासा पैदा कर दी है। खास बात यह है कि नवरात्रि के पहले दिन ही चैत्र महीने की अमावस्या पड़ रही है, जिसे ‘भूतड़ी अमावस्या’ कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भूतड़ी अमावस्या के दिन नकारात्मक और अदृश्य शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना का विशेष महत्व माना जाता है। साथ ही, पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध करना भी बेहद शुभ फलदायी माना जाता है।

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना (घटस्थापना) करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। श्रद्धालु मां को फल, फूल और भोग अर्पित करते हैं तथा दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं।

इस दिन कुछ विशेष कार्य करने की सलाह दी जाती है, जैसे गंगा जल मिलाकर स्नान करना, जरूरतमंदों को दान देना, पीपल के पेड़ की पूजा करना और सरसों के तेल का दीपक जलाना। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।

वहीं, इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मांस, शराब और तामसिक भोजन से दूर रहें, रात में सुनसान जगहों पर अकेले जाने से बचें और घर में किसी प्रकार का कलह न करें। मान्यता है कि सही तरीके से पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

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