नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित
New Twist in Excise Policy Case: High Court Rejects Kejriwal’s Plea दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय ने सीबीआई की याचिका को एक जज से हटाकर किसी दूसरे जज को ट्रांसफर करने की मांग को खारिज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने साफ कहा कि यह मामला पहले से तय रोस्टर के अनुसार जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की बेंच के सामने सूचीबद्ध है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर इसे किसी दूसरे जज को ट्रांसफर करने का कोई कारण नहीं बनता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी जज को खुद को मामले से अलग होना है तो यह फैसला उसी जज को लेना होता है।
गौरतलब है कि सीबीआई की याचिका पर सोमवार को जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की बेंच में सुनवाई होनी है। इससे पहले 11 मार्च को केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आबकारी नीति मामले के अन्य आरोपियों ने मुख्य न्यायाधीश को एक प्रतिनिधित्व भेजकर अनुरोध किया था कि इस मामले की सुनवाई किसी “निष्पक्ष” जज को सौंपी जाए।
केजरीवाल ने अपने आवेदन में कहा था कि उन्हें आशंका है कि इस मामले में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी। उन्होंने दावा किया कि पहले की सुनवाई के दौरान जज ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बिना दूसरी पक्ष की दलील सुने ही “त्रुटिपूर्ण” बताया था।
हालांकि इससे पहले 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित 21 आरोपियों को राहत देते हुए उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था और सीबीआई की जांच पर सवाल उठाए थे।
अब सीबीआई ने इसी फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आने वाले दिनों में सुनवाई जारी रहेगी।



















