नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित
DGCA gives flight duty time relaxations to Air India amid Middle East conflict मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कई देशों के एयरस्पेस पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत के एविएशन सुरक्षा नियामक डीजीसीए (DGCA) ने एयर इंडिया को फ्लाइट ड्यूटी टाइम नियमों में अस्थायी राहत दी है। यह राहत खास तौर पर एयर इंडिया की लंबी दूरी की उड़ानों के लिए दी गई है, क्योंकि अब इन उड़ानों को पहले की तुलना में लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार ईरान और इराक के एयरस्पेस पर लगे प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया को यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली उड़ानों के लिए मिस्र (Egypt) के रास्ते से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे उड़ानों की कुल अवधि बढ़ गई है और पायलटों की ड्यूटी का समय भी लंबा हो गया है। इसी वजह से डीजीसीए ने पायलटों के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों में 30 अप्रैल तक के लिए कुछ ढील दी है।
नई व्यवस्था के तहत दो पायलटों वाली लंबी दूरी की उड़ानों के लिए फ्लाइट टाइम को 1 घंटे 30 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट कर दिया गया है। वहीं फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (FDP) को भी 1 घंटे 45 मिनट बढ़ाकर 11 घंटे 45 मिनट तक कर दिया गया है। इसके अलावा रोस्टर प्लानिंग में जरूरी 30 मिनट के बफर से भी अस्थायी छूट दी गई है।
हालांकि कुछ सूत्रों का दावा है कि एयर इंडिया जेद्दा (Jeddah) की उड़ानों में इस राहत सीमा से भी ज्यादा समय तक पायलटों को ड्यूटी करने के लिए मजबूर कर रही है। बताया जा रहा है कि जेद्दा फ्लाइट का ड्यूटी समय लगभग 11 घंटे 55 मिनट तक पहुंच रहा है, जो तय सीमा से करीब 10 मिनट अधिक है।
मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में बदलाव किए हैं। एयर इंडिया फिलहाल ओमान, सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से और मिस्र के रास्ते यूरोप व उत्तरी अमेरिका के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। इससे यात्रा समय बढ़ने के बावजूद उड़ानों का संचालन जारी रखा जा रहा है।



















