चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
Employees get a setback before the 8th Pay Commission. देशभर में 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय वित्तपोषित स्वायत्त संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को फिलहाल स्पाउस ग्राउंड (पति-पत्नी एक ही स्थान पर पोस्टिंग) की सुविधा देने की कोई योजना नहीं है। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
दरअसल राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 30 सितंबर 2009 के DoPT आदेश के अनुसार पति-पत्नी को एक ही स्टेशन पर तैनाती देने की नीति केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां कम से कम एक व्यक्ति केंद्र सरकार की नियमित सेवा में कार्यरत हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नीति को केंद्रीय वित्तपोषित स्वायत्त या वैधानिक संस्थाओं के कर्मचारियों तक बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस बयान के बाद कर्मचारियों के संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने सरकार के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब IAS, IPS और अन्य कैडर के अधिकारियों को पति-पत्नी आधार पर ट्रांसफर की सुविधा मिल सकती है, तो स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस नीति के अभाव में हजारों पति-पत्नी अलग-अलग शहरों में नौकरी करने को मजबूर हैं। इससे उनके पारिवारिक जीवन के साथ-साथ कामकाज पर भी असर पड़ता है।
उन्होंने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले सरकार इस मुद्दे पर पुनर्विचार करे और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह स्पाउस पोस्टिंग और अन्य सुविधाएं प्रदान करे।



















