लुधियाना, अमृतसर और चंडीगढ़ सहित 10 स्टेशनों में बड़ा बदलाव, क्या है सरकार की योजना?

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Center Announces Major Upgrade for 10 Key Railway Stations)देश के रेल नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। लुधियाना, अमृतसर और चंडीगढ़ सहित उत्तर रेलवे के 10 प्रमुख स्टेशनों की क्षमता को वर्ष 2030 तक दोगुना करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। फिरोजपुर रेल मंडल के अनुसार, देशभर में यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही तेज़ बढ़ोतरी को देखते हुए अगले पांच वर्षों में नई रेलगाड़ियों के संचालन के लिए बड़े शहरों के स्टेशनों का विस्तार आवश्यक हो गया है।

➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।

इस योजना के तहत मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, रेल लाइनों का स्थिरीकरण किया जाएगा और पिट लाइन व शंटिंग जैसी तकनीकी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों और उनके आसपास नए टर्मिनलों का निर्माण, मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स और आधुनिक रखरखाव सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सेक्शनल क्षमता में वृद्धि, सिग्नलिंग सिस्टम का अपग्रेडेशन और मल्टी-ट्रैकिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Video देखें: हिमाचल प्रदेश के IGMC में डॉक्टर ने मरीज की धुनाई कर डाली।

बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के लिए जिन 10 स्टेशनों को चुना गया है, उनमें दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली शामिल हैं। योजना को तात्कालिक, अल्पकालिक और दीर्घकालिक चरणों में लागू किया जाएगा, ताकि अगले पांच वर्षों में ही इसके लाभ यात्रियों को मिलने लगें।

Video देखें: पंजाब हिमाचल सीमा पर नंगल…के जंगल कट रहे हैं… कानून सो रहा है… और मा+फि+या बेखौफ घूम रहा है !

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से रोज़ाना यात्रियों की क्षमता 4 लाख से बढ़कर 7 लाख हो जाएगी। वहीं जम्मूतवी और बरेली जैसे स्टेशनों के उन्नयन से ट्रेनों के संचालन और रखरखाव में बड़ा सुधार होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह पहल न केवल भीड़ कम करेगी बल्कि देशभर में रेल कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाएगी।

Video देखें: तख्त साहिब की गरिमा सर्वोपरि,बिना सहमति कोई निर्माण मंज़ूर नहीं,श्री आनंदपुर साहिब में विकास या आस्था ?