मुंबई। राजवीर दीक्षित
(Parle-G’s 97-Year-Old Factory Set for Redevelopment)मुंबई से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने देशभर के लोगों की बचपन की यादों को झकझोर कर रख दिया है। भारत के सबसे लोकप्रिय बिस्कुट पारले-जी से जुड़ी 97 साल पुरानी ऐतिहासिक फैक्ट्री अब जल्द ही इतिहास बन जाएगी। मुंबई के विले पारले (ईस्ट) में स्थित इस फैक्ट्री को तोड़कर यहां एक विशाल और आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी मिल चुकी है।
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पारले प्रोडक्ट्स ने अपने सबसे पुराने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को री-डेवलप करने का बड़ा फैसला लिया है। करीब 5.44 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस प्लॉट पर बनने वाले प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 3,961.39 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल निर्माण क्षेत्र 1,90,360.52 वर्ग मीटर होगा, जो इसे मुंबई के बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में शामिल करता है।
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इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली स्टेट एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) से 7 जनवरी 2025 को आंशिक पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत फैक्ट्री परिसर में मौजूद 21 पुरानी और जर्जर इमारतों को गिराने की अनुमति दी गई है।
नए कॉम्प्लेक्स में चार आधुनिक इमारतें बनाई जाएंगी, साथ ही तीन और छह मंज़िलों वाले दो अलग-अलग पार्किंग टावर भी होंगे। यहां रिटेल शॉप्स, ऑफिस स्पेस, रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह इलाका एक नया कमर्शियल हब बन सकता है।
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हवाई अड्डे के नजदीक होने के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ऊंचाई को लेकर सख्त शर्तों के साथ एनओसी जारी की है। तय मानकों के अनुसार, इमारतों की ऊंचाई 28.81 मीटर से 30.40 मीटर के बीच ही होगी।
गौरतलब है कि पारले-जी फैक्ट्री सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि लाखों भारतीयों की भावनाओं और यादों से जुड़ी हुई थी। इसके ध्वस्त होने के साथ ही मुंबई की एक ऐतिहासिक पहचान भी बदलने जा रही है।

















