“अगर इमरान की आंख गई तो किसी और की आंख भी सुरक्षित नहीं रहेगी” — बहन की सेना को आखिरी चेतावनी

द टारगेट न्यूज डेस्क
(Imran Khan’s Health Sparks Fresh Political Storm in Pakistan)पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर उनकी बहन नोरीन खान के सख्त और आक्रामक बयान ने देश-विदेश में हलचल मचा दी है। नोरीन खान ने पाकिस्तानी सेना को खुली और अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इमरान खान की आंख को कोई भी नुकसान पहुंचा, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमरान खान जेल में ‘सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे आम भाषा में ‘आई स्ट्रोक’ कहा जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इलाज न होने की स्थिति में इमरान खान की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से जा सकती है। इसी को लेकर नोरीन खान ने सैन्य प्रतिष्ठान पर लापरवाही और दबाव की राजनीति करने के आरोप लगाए हैं।

Video देखें: नंगल–भाखड़ा मार्ग पर हुए झगड़े का सच जानना चाहते हैं लोग 🤔🔥 आख़िर अचानक विवाद क्यों भड़का? असली वजह क्या थी?

नोरीन खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह केवल अपने भाई की रिहाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेटे के लिए भी संघर्ष कर रही हैं, जो वर्ष 2023 से जेल में बंद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और हाल ही में एक धरने के दौरान उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार किया गया, जिससे वह बेहोश हो गई थीं।

यह भी पढ़ें: बंद विरासत को नई सांस: निजी हाथों में सौंपे गए पंजाब के 7 पर्यटन धरोहर स्थल

इसके साथ ही नोरीन खान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं पर हो रहे कथित अत्याचारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और कई लोगों के शरीर पर जेल में प्रताड़ना के निशान पाए गए हैं।

यह भी पढ़ें: बजट 2026: करदाताओं को राहत नहीं, नए आयकर कानून पर सरकार का बड़ा दांव

अंत में नोरीन खान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर गहरी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि वैश्विक ताकतें इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठी हैं। उन्होंने संकेत दिए कि हालात और भी गंभीर मोड़ ले सकते हैं और फिलहाल सत्ता पक्ष के साथ किसी समझौते की कोई संभावना नहीं दिखती।