‘अव्यवस्थित व्यवहार’ के आरोप में राजा वड़िंग समेत 8 विपक्षी सांसद लोकसभा से निलंबित

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(8 Opposition MPs Suspended from Lok Sabha)लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव मंगलवार को और तेज हो गया, जब ‘अव्यवस्थित व्यवहार’ के आरोप में कांग्रेस के सात सांसदों और माकपा (CPI-M) के एक सांसद को निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कुल आठ विपक्षी सदस्य शामिल हैं। इन सभी को बजट सत्र की शेष अवधि, यानी 2 अप्रैल तक के लिए सदन से निलंबित किया गया है।

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आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान इन सांसदों ने कागज़ फाड़े और उन्हें आसन की ओर फेंका, जिससे सदन की गरिमा भंग हुई। कई बार स्थगन के बाद जब दोपहर 3 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तब आसन पर मौजूद सदस्य दिलीप सैकिया ने इन आठ सांसदों के नाम लिए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट सत्र के शेष समय के लिए इन सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव सदन में पेश किया।

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रिजिजू ने कहा कि संबंधित सांसदों ने सदन और अध्यक्ष के अधिकार की खुली अवहेलना की। उन्होंने न सिर्फ कागज़ फाड़े, बल्कि उन्हें आसन की ओर फेंका और महासचिव की मेज़ पर चढ़ने की भी कोशिश की। सदन ने ध्वनि मत से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया, जिसके बाद भारी हंगामे के बीच कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

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यह पूरा विवाद उस समय और गहराया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वर्ष 2020 के भारत-चीन संघर्ष से जुड़े एक लेख का हवाला देने की अनुमति नहीं दी गई, जो पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर आधारित था। इसके अलावा विपक्ष ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर कथित तोड़फोड़ को लेकर भी सरकार को घेरा।

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निलंबन के विरोध में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों ने साफ कहा है कि निलंबित सांसद सदन के बाहर भी अपना विरोध जारी रखेंगे। इस घटनाक्रम ने संसद की कार्यवाही और राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

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