नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Uber, Ola, Rapido Drivers to Strike on Feb 7)देशभर में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं पर निर्भर लाखों यात्रियों के लिए 7 फरवरी का दिन मुश्किलों भरा हो सकता है। Uber, Ola और Rapido से जुड़े ड्राइवरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल को ‘ऑल इंडिया ब्लैकआउट’ नाम दिया गया है, जिसके चलते कई शहरों में कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बाधित रहने की आशंका है।
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ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि वे लंबे समय से कम किराया, बढ़ते खर्च और अस्थिर आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार और प्लेटफॉर्म कंपनियों की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इसी के विरोध में देश की विभिन्न ऐप-आधारित राइड-हेलिंग यूनियनें एकजुट होकर इस हड़ताल को अंजाम दे रही हैं। आंदोलन को तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) समेत कई संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
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ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी के लिए न्यूनतम बेस फेयर तय करना, निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों के जरिए टैक्सी सेवाएं देने पर रोक लगाना और कमीशन व इंसेंटिव सिस्टम में पारदर्शिता शामिल है। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में उनकी आमदनी लगातार घट रही है, जबकि ईंधन और रखरखाव का खर्च बढ़ता जा रहा है।
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हड़ताल का सीधा असर रोज़ाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, एयरपोर्ट यात्रियों और आम यात्रियों पर पड़ सकता है। खासतौर पर महानगरों में लोगों को बस, मेट्रो या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। ड्राइवर यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था पर और व्यापक असर पड़ सकता है।

















