चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Punjab SC Commission Summons Bajwa Over ETO Remark)पंजाब की सियासत में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिला है। मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर दिए गए बयान के मामले में पंजाब अनुसूचित जाति आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को तलब किया है। आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए 11 फरवरी को आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी से मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट भी मांगी गई है।
➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।
पूरा विवाद उस कथित टिप्पणी से शुरू हुआ, जिसमें प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि हरभजन ईटीओ पहले बैंड बजाते थे और अब ‘पंजाब का बैंड बजा रहे हैं’। इस बयान को अपमानजनक और वर्ग विशेष से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया।
Video देखें: ड*कै*ती और 1 किलो हेरोइन से जुड़े मामले में रोपड़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल
बाजवा के बयान पर हरभजन ईटीओ ने भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी में ऐसे लोग बड़े नेता बन गए हैं, जो कभी क्लर्क की नौकरी के योग्य भी नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी में कोई भी नेता बिना पृष्ठभूमि के अचानक ऊपर नहीं आया, बल्कि हर नेता ने राजनीति में आने से पहले कोई न कोई काम या व्यवसाय किया है।
यह भी पढ़ें: नंगल को मिली नई उड़ान ! काइट फेस्टिवल में जुटे सैकड़ों युवा, हरजोत सिंह बैंस ने साइकिल ट्रस्ट की पहल को बताया शहर की नई पहचान।
इन बयानों के बाद आम आदमी पार्टी में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। पार्टी ने चंडीगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यकर्ताओं ने प्रताप सिंह बाजवा के आवास का घेराव कर बैंड बजाकर विरोध दर्ज कराया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को बैरिकेड्स लगाने पड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
यह भी पढ़ें: 🚌 श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी ! मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत भंगला से श्री दरबार साहिब,अमृतसर के लिए पहली बस रवाना।
वाटर कैनन की कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की पगड़ियां उतरने से मामला और संवेदनशील हो गया। पुलिस ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरभजन ईटीओ, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। यह पूरा घटनाक्रम अब पंजाब की राजनीति में नई बहस और सियासी गर्मी का कारण बन गया है।

















