कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन भेजने वाले ईडी अधिकारी का तबादला! जालंधर से चेन्नई ट्रांसफर!

जालंधर। राजवीर दीक्षित
(ED Officer Transferred After Summons to Captain Amarinder Singh, Sparks Political Buzz)जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संयुक्त निदेशक रवि तिवारी का चेन्नई तबादला होने से पंजाब की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रवि तिवारी वही आईआरएस अधिकारी हैं जिन्होंने विदेशों में कथित संपत्ति के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके पुत्र रणइंदर सिंह को समन जारी कर ईडी कार्यालय में पेश होने को कहा था। सूत्रों के अनुसार क्लोजर रिपोर्ट लीक होने के मामले को इस तबादले की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है।

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इस घटनाक्रम ने एक बार फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह को राजनीतिक केंद्र में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की ओर से आए ताजा बयान ने सियासी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने संकेत दिए हैं कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी में वापसी करना चाहते हैं तो हाईकमान इस पर विचार कर सकता है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में कयासों का दौर तेज हो गया है।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैप्टन की संभावित वापसी कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संतुलन को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि कई वरिष्ठ नेता पहले से ही मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सक्रिय बताए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी को आंतरिक सामंजस्य बनाए रखना बड़ी चुनौती हो सकती है।

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फिलहाल ईडी अधिकारी के तबादले और कैप्टन की संभावित राजनीतिक वापसी—दोनों मुद्दे पंजाब की सियासत में चर्चा के केंद्र बने हुए हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या यह घटनाक्रम केवल प्रशासनिक फेरबदल तक सीमित रहता है या इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव भी सामने आते हैं।

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