द टारगेट न्यूज डेस्क।
(“Boy or Girl? They Claimed to Reveal It in a Moving Car… Now, Watch This Special Report.”) उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो चलती कार को ही ‘मोबाइल नर्सिंग होम’ बनाकर भ्रूण का लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात का धंधा चला रहा था। शनिवार देर रात करीब 2 बजे की गई छापेमारी में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, मेडिकल उपकरण और अन्य जरूरी सामान बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह गर्भवती महिलाओं का अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर चलती कार में ही भ्रूण का लिंग परीक्षण करता था। इसके लिए महिलाओं से करीब 10 हजार रुपये वसूले जाते थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार यदि भ्रूण लड़की होने की पुष्टि होती थी, तो गिरोह 20 हजार रुपये लेकर अवैध गर्भपात भी करवाता था। आरोपियों ने कानून की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। वे किसी एक क्लीनिक या अस्पताल में नहीं रुकते थे, बल्कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए अलग-अलग स्थानों पर जाकर यह गैरकानूनी काम करते थे, जिससे उन पर किसी को शक न हो।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी महिलाओं का अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात कराया है।
यह मामला सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी मुहिम को चुनौती देने वाला गंभीर अपराध है। पुलिस ने साफ किया है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।



















