चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Punjab SC Commission Halts Recruitment of 1,013 School Lecturers Over Reservation Roster Irregularities) पंजाब में 1,013 स्कूल लेक्चररों की भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा अपडेट सामने आया है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति (SC) आयोग ने भर्ती के अगले चरणों पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि भर्ती में लागू किए गए आरक्षण रोस्टर (Reservation Roster) को लेकर कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी जांच पूरी होने तक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।

गौरतलब है कि 25 जून को पंजाब शिक्षा भर्ती निदेशालय ने 1,013 लेक्चरर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इनमें 829 नए पद और 184 बैकलॉग पद शामिल थे। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद यह सवाल उठे कि इसमें अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए विषयवार और श्रेणीवार आरक्षण का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया।
मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पंजाब SC आयोग ने सुनवाई शुरू की। पहली सुनवाई 3 जुलाई को हुई, जबकि दूसरी सुनवाई के लिए शिक्षा विभाग को विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि विभाग द्वारा जमा कराए गए दस्तावेज अधूरे पाए गए।
आयोग के अनुसार, 1990 से 2025 तक की प्रत्यक्ष भर्ती की चयन सूची और चयनित उम्मीदवारों के मेरिट अंक उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा संबंधित विषयों के मूल रोस्टर रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किए गए। विभाग ने केवल कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड जमा किए, जिनमें वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के नाम दर्ज हैं।
आयोग ने यह भी पाया कि आरक्षित पदों को डी-रिजर्व करने या आगे ले जाने (Carry Forward) के संबंध में कल्याण विभाग (Welfare Department) से प्राप्त स्वीकृतियों और एनओसी की प्रतियां भी रिकॉर्ड में शामिल नहीं थीं।
इन कमियों को गंभीर मानते हुए आयोग ने आशंका जताई है कि आरक्षण नीति के पालन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे SC, BC, महिलाओं और अन्य आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
इसी के मद्देनजर आयोग ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि जब तक मूल रोस्टर रजिस्टर, चयन सूची, मेरिट रिकॉर्ड और आरक्षण से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते, तब तक 1,013 लेक्चरर भर्ती प्रक्रिया के अगले सभी चरणों पर रोक रहेगी। साथ ही विभाग को 3 अगस्त तक कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।



















