Home Chandigarh पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की हाई लेवल बैठक, किसानों की खाद आपूर्ति और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा फैसला

पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की हाई लेवल बैठक, किसानों की खाद आपूर्ति और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा फैसला

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित

(High-level meeting chaired by PM Modi on the West Asia crisis; major decisions taken on fertilizer supply for farmers and the safety of Indians stranded abroad.)पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आगामी रबी सीजन के लिए किसानों को खाद की निर्बाध उपलब्धता और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यह इस मुद्दे पर आयोजित चौथी विशेष CCS बैठक थी।

बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रबी फसल के लिए किसानों को किसी भी कीमत पर खाद की कमी नहीं होने दी जाए। इसके लिए वैकल्पिक देशों से उर्वरकों की खरीद और आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

भारतीय नाविकों और प्रवासियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस-
प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र (मैकेनिज्म) बनाने के निर्देश दिए। यह व्यवस्था समय पर सूचना, आपातकालीन सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराएगी। साथ ही विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति पर समीक्षा-
बैठक में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने बताया कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एलपीजी की खरीद के स्रोतों में विविधता लाई गई है और सरकारी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

सौर ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर-
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सौर ऊर्जा और अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

सरकार बनाएगी संयुक्त निगरानी तंत्र-
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाकर एक एकीकृत निगरानी प्रणाली तैयार की जाए, ताकि बदलते हालात पर लगातार नजर रखी जा सके और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए समय पर फैसले लिए जा सकें।

पश्चिम एशिया संकट में भारतीयों को भारी नुकसान-
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2026 में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों, जिनमें 10 भारतीय नाविक शामिल हैं, की मौत हो चुकी है, जबकि 75 भारतीय घायल हुए हैं। इसके अलावा कतर के रास लाफान गैस संयंत्र में हुए एक अलग हादसे में 12 भारतीयों की जान चली गई।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों के हित और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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