चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Women Cash Scheme: 40 Lakh Women Receive Financial Aid, CM Bhagwant Mann Says ‘Promise Fulfilled’ “) पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीियां सत्कार योजना’ के तहत राज्य की करीब 40 लाख महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता की राशि ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये भेजे गए हैं। यह राशि तीन महीने की किस्त के रूप में एक साथ जारी की गई है।
पठानकोट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता से किया गया हर बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें कोई नहीं जानता था, लेकिन महिलाओं ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। इसलिए अगर महिलाओं के मोबाइल पर पैसे आने की ‘टूं-टूं’ की आवाज ही न सुनाई दे, तो मुख्यमंत्री बनने का क्या फायदा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2022 विधानसभा चुनाव में महिलाओं से किया गया आखिरी बड़ा वादा भी अब पूरा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना किसी पर एहसान नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया कदम है। मान ने कहा कि 1,500 रुपये महीना मिलने से कोई अमीर नहीं बनेगा, लेकिन इससे महिलाओं को आर्थिक सहारा और आत्मविश्वास जरूर मिलेगा।
सरकार के अनुसार, इस चरण के बाद अब तक करीब 72 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है और आने वाले समय में बाकी पात्र महिलाओं को भी जोड़ा जाएगा। वहीं विपक्ष इस योजना को चुनावी रणनीति बता रहा है, जबकि सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ रही है।
अब यह योजना राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुकी है और माना जा रहा है कि इसका असर पंजाब की आगामी राजनीति और 2027 विधानसभा चुनाव पर भी देखने को मिल सकता है।



















