Home Polution सरहिंद नहर में सीवेज डालने को लेकर शिरोमणी अकाली दल और रूपनगर MC आमने-सामने

सरहिंद नहर में सीवेज डालने को लेकर शिरोमणी अकाली दल और रूपनगर MC आमने-सामने

सरहिंद नहर में सीवेज डालने को लेकर शिरोमणी अकाली दल और रूपनगर MC आमने-सामने

रूपनगर । राजवीर दीक्षित

पंजाब के रूपनगर में सिरहिंद नहर में बिना ट्रीटमेंट किया गया सीवेज डालने के आरोपों को लेकर सियासत गरमा गई है।

शनिवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) और रूपनगर नगर परिषद (MC) ने एक-दूसरे पर नहर को प्रदूषित करने के आरोप लगाए।

यह नहर सतलुज का पानी पंजाब के मालवा क्षेत्र तक पहुंचाती है।
पूर्व पंजाब मंत्री और SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि रूपनगर के बसंत नगर इलाके का बिना ट्रीटमेंट किया गया सीवेज सीधे सिरहिंद नहर में छोड़ा जा रहा है।

चीमा ने कहा कि उन्होंने खुद मौके का दौरा किया और नगर परिषद क्षेत्र से सीवेज को नहर में जाते हुए देखा।
चीमा के मुताबिक, सिरहिंद नहर पंजाब के कई जिलों में सिंचाई और अन्य जरूरी कामों के लिए पानी उपलब्ध कराती है।

ऐसे में बिना ट्रीटमेंट सीवेज को नहर में डालना लोगों की सेहत, खेती और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने पंजाब सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की कि नहर में सीवेज का बहाव तुरंत रोका जाए, जिम्मेदारी तय की जाए और सीवेज व नहर के पानी की वैज्ञानिक जांच कराई जाए।

चीमा ने यह भी कहा कि वह इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने उठाएंगे और पर्यावरण कानूनों को लागू कराने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।

रूपनगर MC अध्यक्ष ने आरोपों को बताया भ्रामक
हालांकि, रूपनगर नगर परिषद के अध्यक्ष इंदरपाल सिंह राजू सत्याल ने चीमा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बसंत नगर से सीवेज के सीधे नहर में गिरने के दावे को ‘भ्रामक जानकारी’ करार दिया।

सत्याल ने कहा कि बसंत नगर का सीवेज भूमिगत पाइपों के जरिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक पहुंचाया जाता है और इसे सीधे सिरहिंद नहर में नहीं छोड़ा जा रहा।
उन्होंने दावा किया कि रूपनगर में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को 56 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत काफी विकसित किया गया था।

यह परियोजना उस समय शुरू हुई थी, जब उनके पिता अमरजीत सिंह सतियाल नगर परिषद के अध्यक्ष और संत अजीत सिंह रूपनगर के विधायक थे। इसके बाद शहर में तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए गए।

नहर में गांव के ड्रेन का पानी जाने का दावा
नगर परिषद अध्यक्ष सतियाल ने आरोप लगाया कि गांव कोटला निहंग का ड्रेन का पानी सिरहिंद नहर में छोड़ा जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल में हुई कार्रवाई हिमाचल प्रदेश के नालागढ़-बद्दी औद्योगिक क्षेत्र से कथित तौर पर सतलुज में पहुंच रहे औद्योगिक कचरे को लेकर शुरू की गई थी।

सत्याल के मुताबिक, रूपनगर के विधायक दिनेश चड्ढा ने इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाया है।

हिमाचल प्रदेश और पंचकूला प्रशासन के साथ मिलकर औद्योगिक कचरे को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई को जनता से मिल रहे समर्थन से SAD नेता परेशान हैं।

अब एक तरफ SAD नहर में सीवेज गिराने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ नगर परिषद इन आरोपों को खारिज कर दूसरे स्रोत से प्रदूषण आने की बात कह रही है। ऐसे में असली प्रदूषण का स्रोत क्या है, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

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