हांगझोऊ एशियाई खेलों के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की भागीदारी को लेकर चल रही तैयारियों के बीच भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एक बड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। खबर है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने खिलाड़ियों के लिए खेल गांव में विशेष आवास व्यवस्था की मांग कर रहा था, जिसे IOA ने सिरे से खारिज कर दिया है। खेल संघ का स्पष्ट कहना है कि सभी एथलीटों के साथ समान व्यवहार किया जाएगा और किसी भी विशेष खेल या टीम के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी।
मामले का पूरा विवरण
एशियाई खेलों के आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराए गए आवासों को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। आधिकारिक तौर पर जो आवास उपलब्ध हैं, उन्हें तीन-सितारा और चार-सितारा श्रेणी में रखा गया है। BCCI का मानना है कि ये सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटरों की जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं। हालांकि, IOA के अधिकारियों का मानना है कि एशियाई खेलों की गरिमा और अनुशासन का पालन करना हर टीम की जिम्मेदारी है। thetargetnews.in की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, IOA ने स्पष्ट कर दिया है कि खेल गांव के नियम सभी के लिए एक समान हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मुख्य बिंदु और प्रभाव
- सभी भारतीय एथलीटों के लिए एक समान आवास नीति लागू रहेगी।
- BCCI को अपनी लॉजिस्टिक क्षमताओं के आधार पर निर्णय लेना होगा कि वे खिलाड़ियों को कहां ठहराएंगे।
- आवास की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक एडवांस टीम स्थिति का जायजा लेगी।
- IOA ने स्पष्ट किया है कि किसी भी टीम को विशेष दर्जा देना अन्य खिलाड़ियों के मनोबल पर असर डाल सकता है।
thetargetnews.in संवाददाता के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि एशियाई खेलों का मूल उद्देश्य खेल भावना और एकता है, जिसे किसी भी प्रकार की वीआईपी संस्कृति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
अब गेंद पूरी तरह से BCCI के पाले में है। बोर्ड को यह तय करना है कि क्या वे अपने खिलाड़ियों को खेल गांव में ही ठहराएंगे या फिर अपनी व्यवस्था के तहत बाहर किसी होटल में रहने का विकल्प चुनेंगे। हालांकि, बाहर रहने की स्थिति में भी खेल गांव में होने वाली गतिविधियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम की रसद टीम इन परिस्थितियों में क्या अंतिम निर्णय लेती है।



















