टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में 1320 मेगावाट क्षमता के थर्मल पावर प्लांट की प्रस्तावित खरीद प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। राज्य सरकार ने जोर देकर कहा है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शी मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है।
प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
हाल ही में उठे सवालों के जवाब में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि थर्मल पावर की खरीद के लिए अपनाई जा रही नीति पूरी तरह से प्रतिस्पर्धी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे।
क्या है सरकार का रुख?
इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए सुंदरम ने कहा कि राज्य में थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी जो राज्य में संयंत्र स्थापित करने की इच्छुक है और प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखती है, वह निर्धारित प्रक्रिया में भाग ले सकती है।
कोई भी कंपनी जो राज्य में संयंत्र स्थापित करने की इच्छुक है और प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखती है, वह निर्धारित प्रक्रिया में भाग ले सकती है।
प्रमुख बिंदु
- 1320 मेगावाट थर्मल पावर की खरीद पूरी तरह से नियमों के दायरे में है।
- राज्य में पावर प्लांट लगाने पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है।
- प्रतिस्पर्धी टैरिफ और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
- सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में बिजली की उपलब्धता को सुदृढ़ करना है।
यह कदम राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि खुली प्रतिस्पर्धा से न केवल बिजली की दरों में कमी आएगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।



















