टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे गुटीय विवाद को लेकर चुनाव आयोग को सख्त निर्देश दिए हैं। शीर्ष अदालत ने आयोग से कहा है कि वह पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद का समाधान जल्द से जल्द करे। कोर्ट ने इस मामले में एक स्पष्ट समय सीमा तय करते हुए सोमवार तक अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है।
विवाद की जड़ और वर्तमान स्थिति
तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और उसके आधिकारिक चुनाव चिह्न पर मालिकाना हक को लेकर खींचतान चल रही है। दोनों ही गुट पार्टी की संपत्ति और राजनीतिक विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं। इस कानूनी और राजनीतिक उलझन को देखते हुए, चुनाव आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और अस्थायी चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दलों के भीतर प्रतीकों और नाम को लेकर अनिश्चितता लंबे समय तक नहीं बनी रह सकती। चुनाव आयोग को अपनी वैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए सोमवार तक इस विवाद का तार्किक अंत करना होगा।
- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सोमवार तक का समय दिया है।
- दोनों गुटों को फिलहाल अलग-अलग अस्थायी नाम और चिह्न दिए गए हैं।
- विवाद का मुख्य केंद्र पार्टी का आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न है।
- आयोग को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर अंतिम फैसला लेना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पार्टी के भीतर चल रही अनिश्चितता खत्म होगी और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में स्पष्टता आएगी। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग के सोमवार को आने वाले फैसले पर टिकी हैं।



















