नंगल। राजवीर दीक्षित
(Issue of harm caused by toxic gases and chemicals: AAP and BJP stage a protest outside Primo Chemicals in Nangal; uproar over pollution) 35 के करीब गांवो में भूजल व फसल खराब होने की बात करते आज नंगल शहर में Primo Chemicals यूनिट के मुख्य गेट के बाहर AAP और BJP कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्लांट के कारण आसपास के इलाके का भूजल बुरी तरह से प्रदूषित हो रहा है। उनका यह भी आरोप था कि यूनिट से बार-बार होने वाले क्लोरीन गैस रिसाव से आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उन्होंने यूनिट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्हें बैठक नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक प्लांट प्रबंधन उन्हें यह भरोसा नहीं दिलाता कि क्षेत्र में वायु और जल प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, तब तक वे प्लांट को संचालित नहीं होने देंगे।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि राज्य और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्लांट से कथित तौर पर हो रहे प्रदूषण की गहन जांच और वैज्ञानिक आकलन करवाया जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। Primo Chemicals, जिसे पहले Punjab Alkaries and Chemicals Ltd (PACL) के नाम से जाना जाता था, मुख्य रूप से कास्टिक सोडा और क्लोरीन का उत्पादन करती है। यूनिट में एक कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट भी है।
पहले इस प्लांट का संचालन Punjab State Industrial Development Corporation (PSIDC) के अधीन था। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान PSIDC ने यूनिट में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी, जिसके बाद प्लांट का निजीकरण कर दिया गया। नई मैनेजमेंट ने PACL का नाम बदलकर Primo Chemicals कर दिया। AAP नेताओं ने शुरुआत में PACL प्लांट की बिक्री में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
हालांकि, AAP सरकार के पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में प्लांट की बिक्री को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई जांच शुरू नहीं की गई। वहीं, Primo Chemicals प्रबंधन ने प्रदूषण के आरोपों को खारिज किया है।
Primo Chemicals के DGM भगवती प्रसाद ने कहा कि यूनिट पंजाब और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्लांट को दोनों बोर्डों से संचालन के लिए जरूरी अनुमति प्राप्त है। भगवती प्रसाद ने यह भी कहा कि कथित प्रदूषण की जांच के लिए यूनिट IIT रोपड़ से प्रदूषण ऑडिट करवाने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, यह प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों के सामने रखा गया है, लेकिन वे इस पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं।
सूत्रों ने बताया कि Primo Chemicals प्लांट के आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि प्लांट से निकलने वाले डिस्चार्ज के कारण भूजल प्रदूषित हुआ है। हालांकि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक मौजूदा विवाद के पीछे प्लांट प्रबंधन और स्थानीय ट्रक यूनियन के बीच विवाद तथा प्रबंधन द्वारा कुछ कर्मचारियों की छंटनी भी एक कारण मानी जा रही है।

















