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हरसिमरत कौर बादल का बड़ा ऐलान, पंजाब में SAD सरकार बनने पर महिला DGP के नेतृत्व में बनेगा ड्रग्स विरोधी टास्क फोर्स

हरसिमरत कौर बादल का बड़ा ऐलान, पंजाब में SAD सरकार बनने पर महिला DGP के नेतृत्व में बनेगा ड्रग्स विरोधी टास्क फोर्स

टारगेट न्यूज़: पंजाब की राजनीति में नशा एक बार फिर से सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने फरीदकोट में महिलाओं की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एक बेहद तीखा और बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि यदि राज्य में दोबारा अकाली दल की सरकार बनती है, तो नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जिसकी कमान किसी महिला डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के हाथों में सौंपी जाएगी। हरसिमरत कौर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब के हर कोने से मादक पदार्थों की लत के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों की चीखें सुनाई दे रही हैं और माताएं, पत्नियां, बहनें व बेटियां इस सामाजिक कोढ़ से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।

मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)

  • हरसिमरत कौर बादल ने फरीदकोट में महिलाओं की सभा को संबोधित करते हुए ड्रग्स के मुद्दे को अपनी राजनीतिक मुहिम का केंद्र बनाया।
  • ‘मावां धीयां दी फौज’ नामक महिला संगठन द्वारा नशा तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं।
  • SAD की सरकार बनने पर महिला डीजीपी के नेतृत्व में एक विशेष एंटी-ड्रग टास्क फोर्स के गठन का वादा किया गया है।
  • नशा तस्करों के लिए 10 साल की बिना जमानत वाली सजा और उनकी संपत्तियां कुर्क करने के लिए नया सख्त कानून लाने का ऐलान।
  • मौजूदा आप सरकार और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर नशा मुक्ति के झूठे वादे करने और जनता को धोखा देने का गंभीर आरोप।
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार पर सरकारी फंड से खुद का प्रचार करने और महिलाओं को लुभाने के लिए तुच्छ हथकंडे अपनाने का दावा।

विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)

फरीदकोट में आयोजित इस चुनावी सभा के दौरान हरसिमरत कौर बादल ने माताओं और बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मावां धीयां दी फौज’ ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है और उन तमाम लोगों के नाम और पते दर्ज किए जा रहे हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अब खुद यह ठान लिया है कि बहुत हो चुका और इस लड़ाई को अब अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। अकाली नेता ने वादा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आते ही एक ऐसा कड़ा कानून बनाएगी जिसके तहत नशा तस्करों और उनके आकाओं को अगले दस साल तक जमानत तक नहीं मिल पाएगी और उनकी अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों को पूरी तरह से जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब की धरती से इस नासूर का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक उनकी पार्टी चैन से नहीं बैठेगी।

वर्तमान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और पूर्व की कांग्रेस सरकार पर करारा प्रहार करते हुए हरसिमरत ने कहा कि दोनों ही दलों ने चुनाव से पहले कुछ ही महीनों में पंजाब को नशा मुक्त करने और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद दोनों ने जनता के साथ सिर्फ विश्वासघात किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कड़े शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि राज्य पर पांच लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज लादने के बावजूद और केवल अपने व्यक्तिगत राजनीतिक विज्ञापनों पर छह हजार करोड़ रुपये पानी की तरह बहाने के बाद, अब मुख्यमंत्री महिलाओं को तीन-तीन हजार रुपये देकर उनकी वफादारी खरीदने की असफल कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को आगाह करते हुए कहा कि वे इन ओछे हथकंडों और प्रलोभनों से बिल्कुल भी भ्रमित न हों, क्योंकि सरकार की नीतियों के कारण राज्य की जनता का भविष्य अंधकारमय हो चुका है।

आंकड़ों का हवाला देते हुए बठिंडा सांसद ने दावा किया कि मौजूदा आप शासनकाल के दौरान पंजाब ननशा तस्करी के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है और ओवरडोज से होने वाली मौतों के मामले में राज्य दूसरे पायदान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत में खोट साफ नजर आती है क्योंकि 2.17 लाख से अधिक नशा तस्करों के खिलाफ मामले दर्ज होने के बावजूद सरकार ने केवल सात मामलों में पिट-एनडीपीएस (PIT-NDPS) अधिनियम के तहत निवारक हिरासत के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे से नशों का कारोबार चलाने वाले बड़े मगरमच्छों पर इस कड़े कानून का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने अपनी मिलीभगत के चलते ऐसा करने से गुरेज किया।

पंजाब की माताएं और बहनें इस दर्द को सबसे करीब से महसूस कर रही हैं क्योंकि परिवार उजड़ने का सबसे बड़ा गम वही झेलती हैं। हमारी सरकार आने पर कानून का ऐसा खौफ पैदा किया जाएगा कि कोई भी तस्कर पंजाब की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करेगा और एक महिला डीजीपी के नेतृत्व में तस्करों का साम्राज्य नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।

भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)

हरसिमरत कौर बादल द्वारा उठाए गए इस कदम से साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में महिला मतदाताओं और सुरक्षा का मुद्दा सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। ड्रग्स के खिलाफ महिलाओं को सीधे तौर पर जोड़कर अकाली दल ने एक मजबूत रणनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। यदि यह चुनावी वादा जनता के बीच असरदार साबित होता है, तो यह पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है। हालांकि, पंजाब की जनता पहले भी कई राजनीतिक दलों से ऐसे बड़े-बड़े वादे सुन चुकी है, इसलिए यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या आगामी चुनावों में मतदाता इन दावों पर कितना भरोसा जताते हैं और नशा मुक्ति का यह सियासी एजेंडा ज़मीनी स्तर पर क्या रंग दिखाता है।

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