टारगेट न्यूज़ विशेष कवरेज: पंजाब के मानसा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां जाने-माने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह वारदात बुधवार सुबह मानसा शहर में एक केमिस्ट की दुकान पर अंजाम दी गई। इस खूनी संघर्ष के दौरान परविंदर के चार अन्य साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम का एक 5 मिनट 48 सेकंड का लाइव वीडियो भी परविंदर झोटा के आधिकारिक फेसबुक पेज पर स्ट्रीम हुआ है, जिसमें ताबड़तोड़ गोलियां चलने की आवाजें और पूरी घटना साफ तौर पर रिकॉर्ड हुई है। इस वीभत्स घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए भारी बल के साथ मौके पर तैनात है और आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्रमुख आकर्षण और बिंदु (Highlights)
- मानसा शहर में एक केमिस्ट की दुकान पर नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या।
- घटना के वक्त फेसबुक पर 5 मिनट 48 सेकंड का लाइव वीडियो स्ट्रीम हुआ, जिसमें फायरिंग साफ देखी जा सकती है।
- फायरिंग में परविंदर के अलावा चार अन्य साथी भी घायल हुए हैं।
- मानसा सिविल अस्पताल के एसएमओ के अनुसार, परविंदर को तीन गोलियां लगी थीं, जिनमें से एक लीवर में धंस गई थी।
- घटना के बाद सिविल अस्पताल के बाहर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पूरे घटनाक्रम की कहानी (Full Story)
बुधवार की सुबह मानसा शहर उस वक्त दहल उठा जब नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा एक स्थानीय केमिस्ट की दुकान पर पहुंचे। वायरल हुए और पुलिस द्वारा खंगाले जा रहे फेसबुक लाइव वीडियो के अनुसार, परविंदर और उनके कुछ साथी केमिस्ट दुकान के मालिक के साथ कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार और गोलियों की बिक्री को लेकर बहस कर रहे थे। बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई और फिर गोलीबारी तक जा पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के मुताबिक, अचानक दुकान के अंदर से और बाहर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। इस अचानक हुए हमले में परविंदर सिंह झोटा और उनके चार साथी खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को आनन-फानन में मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। मानसा सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर गुरमेल सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि परविंदर को तीन गोलियां लगी थीं, जिनमें से दो गोलियां उनके पेट में और एक जांघ में लगी थी। एक गोली उनके लीवर को चीरते हुए निकल गई थी, जिसकी वजह से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है।
मुख्य सवाल और उनके जवाब (Key Questions & Answers)
सवाल 1: परविंदर सिंह झोटा कौन थे और वे उस दुकान पर क्यों गए थे?
जवाब: परविंदर सिंह झोटा एक सक्रिय नशा विरोधी कार्यकर्ता थे, जो पंजाब में लंबे समय से युवाओं को नशे के दलदल से निकालने और अवैध रूप से नशीली दवाएं बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वे मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की सूचना पर वहां पहुंचे थे।
सवाल 2: क्या इस पूरी घटना का कोई वीडियो सबूत मौजूद है?
जواب्न: हां, इस घटना का लगभग 5 मिनट 48 सेकंड का एक लाइव वीडियो परविंदर झोटा के फेसबुक पेज पर प्रसारित हुआ था, जिसमें बहस और उसके तुरंत बाद हुई गोलीबारी की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है, जो जांच में एक अहम सबूत बन गई है।
सवाल 3: इस समय कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है?
जवाब: घटना के बाद अस्पताल और शहर में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।
मानसा सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर गुरमेल सिंह ने बताया, परविंदर सिंह झोटा को तीन गोलियां लगी थीं। दो गोलियां पेट में और एक जांघ में थी। इनमें से एक गोली उनके लीवर में जा धंसी थी, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बनी। बाकी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है।
समापन और निष्कर्ष (Conclusion)
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और नशा तस्करों के हौसलों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार और प्रशासन नशामुक्ति के दावे कर रहे हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि धरातल पर अपराधियों के अंदर कानून का खौफ किस हद तक कम हो चुका है। फेसबुक लाइव के दौरान हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे पंजाब के समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है और मृतक के परिवार व समर्थकों को न्याय दिला पाती है। समाज के हर वर्ग से इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की जा रही है और न्याय की मांग तेज हो गई है।


















