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पंजाब को निर्बाध कोयला और बिजली आपूर्ति का केंद्र ने दिया भरोसा: मुख्यमंत्री भगवंत मान

पंजाब को निर्बाध कोयला और बिजली आपूर्ति का केंद्र ने दिया भरोसा: मुख्यमंत्री भगवंत मान

टारगेट न्यूज़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से एक उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद मुख्यमंत्री मान ने संतोष जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य को निर्बाध कोयले और बिजली की आपूर्ति जारी रखने का पूर्ण आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में लगभग 180 लाख मीट्रिक टन (LMT) चावल का योगदान दे रहा है, जिसके लिए राज्य में कृषि और बिजली का सुचारू संचालन बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के अन्न भंडार को भरने में पंजाब अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा, बशर्ते राज्य को समय पर पर्याप्त ऊर्जा संसाधन मिलते रहें। बैठक के दौरान राज्य की बिजली व्यवस्था, कोयला खदानों और केंद्रीय योजनाओं से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई, जो पंजाब के औद्योगिक और कृषि विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)

  • केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के बीच दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक हुई।
  • केंद्र सरकार ने पंजाब को भविष्य में बिना किसी बाधा के बिजली और कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
  • सीएम मान ने याद दिलाया कि पंजाब इस साल देश के केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान दे रहा है।
  • पछवाड़ा कोयला खदानों से सुचारू आपूर्ति के लिए कोल इंडिया और झारखंड सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
  • शाहपुर कंडी बांध परियोजना पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के बार-बार आने वाले नोटिसों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
  • बरगाड़ी और बहबल कलां मामलों पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि पुरानी सरकारों ने मामलों को कमजोर किया, जिन्हें अब नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है।

विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) से जुड़े मामलों का समाधान करना था। विशेष रूप से कोयले की निर्बाध आपूर्ति और बिजली उत्पादन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का एक प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है और यहां के किसानों की मेहनत से देश का खाद्य सुरक्षा चक्र चलता है। जब तक किसानों को समय पर और निरंतर बिजली मिलती रहेगी, तब तक खाद्यान्न उत्पादन में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने झारखंड स्थित पछवाड़ा कोयला खदानों के संदर्भ में कहा कि राज्य सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रही है ताकि थर्मल पावर प्लांट्स के लिए कोयले की कोई कमी न हो और बिजली उत्पादन सुचारू रूप से चलता रहे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्य की इन सभी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री मान ने शाहपुर कंडी बांध परियोजना और रणजीत सागर बांध से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को इन परियोजनाओं का दौरा करने का निमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार बांध बन जाने के बाद राज्य को पर्यावरणीय प्राधिकरणों या एनजीटी (NGT) के माध्यम से बार-बार नोटिस मिलने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तरह के नोटिसों से विकासात्मक कार्यों में अनावश्यक बाधा उत्पन्न होती है। उल्लेखनीय है कि पंजाब देश के कुल जलविद्युत उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा योगदान देता है, ऐसे में जलविद्युत परियोजनाओं का सुचारू रूप से चलना देश और राज्य दोनों के हित में है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रवि भगत और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने केंद्र के अधिकारियों के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ हुई बैठक अत्यंत सकारात्मक रही है। हमने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब देश के अन्न भंडार को भरने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है, जिसके लिए निरंतर बिजली और कोयला आपूर्ति अनिवार्य है। केंद्र ने हमें पूरा भरोसा दिलाया है कि भविष्य में पंजाब को किसी भी प्रकार की ऊर्जा किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। – भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

विदेशी दौरों और अनुमतियों के सवाल पर मुख्यमंत्री मान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पेरिस में आयोजित होने वाले फूड फेस्टिवल और जापान में होने वाले हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल देखने के लिए उन्हें और उनकी टीम को आमंत्रित किया गया था, लेकिन जानबूझकर विदेश यात्राओं की अनुमति रोकी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के हितों और निवेश को आकर्षित करने के लिए किए जाने वाले दौरों में बाधा डाली जाती है, जबकि पंजाब के विकास के लिए निवेशकों को लाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस मामले में उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और न्याय की उम्मीद जताई है। वहीं, मानसा की एक बेहद दुखद घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जो लोग इसके पीछे साजिश रच रहे थे, उन्हें भी कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने विपक्षी दलों पर इस संवेदनशील मुद्दे पर ओछी राजनीति करने का कड़ा आरोप लगाया।

भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)

केंद्र सरकार द्वारा पंजाब को निर्बाध कोयला और बिजली आपूर्ति का आश्वासन मिलने से राज्य के कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को एक बड़ी राहत मिली है। धान और गेहूं के सीजन में बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी होती है, और ऐसे समय में ऊर्जा संकट का टलना पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक कदम है। यदि पछवाड़ा खदानों और केंद्रीय समन्वय से कोयला समय पर मिलता रहा, तो राज्य में पावर कट की समस्या से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। इसके साथ ही, शाहपुर कंडी और अन्य जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल भविष्य में राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। हालांकि, राजनीतिक मोर्चे पर बरगाड़ी मामले और विदेशी दौरों की अनुमतियों को लेकर चल रही खींचतान आने वाले दिनों में भी राज्य की सियासत का मुख्य केंद्र बनी रहेगी। कुल मिलाकर, यह बैठक पंजाब की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

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