Home Top Headlines स्कॉटलैंड का चमत्कारी लैब्राडोर कुत्ता बना ‘एनिमल ऑफ द ईयर’, समुद्र को...

स्कॉटलैंड का चमत्कारी लैब्राडोर कुत्ता बना ‘एनिमल ऑफ द ईयर’, समुद्र को तबाह करने वाले ‘सी वोमिट’ का लगाता है पता

स्कॉटलैंड का चमत्कारी लैब्राडोर कुत्ता बना 'एनिमल ऑफ द ईयर', समुद्र को तबाह करने वाले 'सी वोमिट' का लगाता है पता

टारगेट न्यूज़ ग्राउंड रिपोर्ट: स्कॉटलैंड के तटीय इलाकों में समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए इन दिनों एक विशेष काले रंग के लैब्राडोर कुत्ते की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस होनहार और प्रशिक्षित श्वान का नाम ‘स्गियाथ’ (Sgiath) है, जिसे हाल ही में उसकी असाधारण और अनूठी सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित ‘एनिमल ऑफ द ईयर’ के खिताब से नवाजा गया है। कभी पर्वतारोहण के दौरान बचाव अभियान यानी माउंटेन रेस्क्यू के लिए कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इस कुत्ते ने आज मरीन कंजर्वेशन यानी समुद्री संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। स्गियाथ ने पानी के भीतर और तटों पर फैलने वाले एक बेहद खतरनाक आक्रामक समुद्री जीव, जिसे वैज्ञानिक रूप से कार्पेट सी स्क्विर्ट और आम बोलचाल की भाषा में ‘सी वोमिट’ (समुद्री उल्टी) कहा जाता है, की गंध सूंघकर सैकड़ों कॉलोनियों का सटीक पता लगाया है। जलवायु परिवर्तन और तेजी से फैल रही आक्रामक प्रजातियों के दौर में इस श्वान की मुस्तैदी ने पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है, जिससे जलीय जीवों के प्राकृतिक आवासों को बचाने की नई उम्मीद जगी है।

ग्राउंड से मुख्य जानकारी (Key Takeaways)

  • स्कॉटलैंड का ब्लैक लैब्राडोर ‘स्गियाथ’ मरीन कंजर्वेशन में अपनी अनूठी भूमिका के लिए ‘एनिमल ऑफ द ईयर’ चुना गया।
  • स्गियाथ को पहले माउंटेन रेस्क्यू के लिए प्रशिक्षित किया गया था, लेकिन बाद में उसने समुद्री पारिस्थितिकी की रक्षा का बीड़ा उठाया।
  • यह प्रशिक्षित कुत्ता ‘कार्पेट सी स्क्विर्ट’ नामक आक्रामक समुद्री जीव की गंध सूंघकर सैकड़ों कॉलोनियों का पता लगा चुका है।
  • प्रसिद्ध समुद्री पारिस्थितिकी विशेषज्ञ डॉ. टेक्सा सिम के मार्गदर्शन में इस डॉग को इस विशेष कार्य के लिए तैयार किया गया है।
  • यह अभूतपूर्व सफलता दर्शाती है कि जलवायु संकट से निपटने में डॉल्फ़िन, व्हेल के साथ-साथ विशेष प्रशिक्षित श्वान भी कितनी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा (Chronological Event Breakdown)

इस अनूठी और प्रेरक कहानी की शुरुआत तब हुई जब स्कॉटलैंड के समुद्र तटों पर एक विदेशी और आक्रामक प्रजाति ‘कार्पेट सी स्क्विर्ट’ (Didemnum vexillum) तेजी से फैलने लगी। यह चिपचिपा जीव दिखने में किसी उल्टी जैसा प्रतीत होता है, इसीलिए इसे स्थानीय स्तर पर ‘सी वोमिट’ उपनाम दिया गया है। यह जीव समुद्र के भीतर अन्य महत्वपूर्ण जीवों, मूंगों और मछलियों के अंडों को ढक लेता है, जिससे उनका दम घुट जाता है और पूरा समुद्री पारितंत्र नष्ट होने लगता है। इस खतरे से निपटने के लिए जानी-मानी समुद्री पारिस्थितिकी विशेषज्ञ डॉ. टेक्सा सिम ने अपनी रिसर्च के दौरान एक अनूठा प्रयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने महसूस किया कि पारंपरिक वैज्ञानिक तरीकों से इस विशाल तट रेखा पर हर एक कॉलोनी का पता लगाना लगभग असंभव है। इसके बाद उन्होंने अपने साथी और पर्वतीय बचाव अभियानों में माहिर रह चुके लैब्राडोर कुत्ते स्गियाथ को समुद्री जीवों की गंध पहचानने का विशेष प्रशिक्षण देने की सोची। महीनों की कड़ी मेहनत और सकारात्मक रीइन्फोर्समेंट ट्रेनिंग के बाद, स्गियाथ ने सी वोमिट की गंध को अचूक तरीके से पहचानना सीख लिया। इसके बाद दोनों ने स्कॉटलैंड के ठंडे और बीहड़ तटों पर अभियान शुरू किया। कुछ ही महीनों के भीतर स्गियाथ ने अपनी तीक्ष्ण घ्राण शक्ति (सूंघने की क्षमता) का उपयोग करते हुए पानी की सतह के पास और चट्टानों पर छिपी हुई ‘सी वोमिट’ की सैकड़ों आक्रामक कॉलोनियों को ढूंढ निकाला। उसकी इस शानदार सफलता के कारण पर्यावरण विभाग तुरंत वहां पहुंचकर उन कॉलोनियों को नष्ट कर सका, जिससे स्थानीय मरीन इकोसिस्टम को भारी तबाही से बचा लिया गया।

प्रशासनिक व स्थानीय प्रतिक्रिया (Official Action & Public Reaction)

स्गियाथ की इस असाधारण उपलब्धि के बाद स्कॉटलैंड के पर्यावरण और समुद्री संरक्षण विभागों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय नागरिकों और मछुआरों ने भी इस श्वान की जमकर तारीफ की है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यदि इस तरह के अभिनव तरीकों को अपनाया जाए, तो पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में आने वाली कई अड़चनों को दूर किया जा सकता है। डॉ. टेक्सा सिम ने मीडिया से बात करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कुत्तों की संवेदी क्षमता इंसानी तकनीक से कहीं ज्यादा तेज और प्रभावी साबित हो सकती है, बशर्ते उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण मिले।

‘स्गियाथ ने साबित कर दिया है कि हमारे पालतू और वफादार जानवर सिर्फ घरों की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि वे हमारे नाजुक पर्यावरण और पृथ्वी को बचाने की इस वैश्विक जंग में हमारे सबसे ताकतवर सिपाही साबित हो सकते हैं।’ – डॉ. टेक्सा सिम, समुद्री पारिस्थितिकी विशेषज्ञ

आगे क्या? (What Lies Ahead)

इस अभूतपूर्व सफलता के बाद, पर्यावरणविदों की योजना अब स्गियाथ जैसे अन्य प्रशिक्षित श्वानों को भी इस अभियान से जोड़ने की है। स्कॉटलैंड के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ ब्रिटेन के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के ‘कैनाइन कंजर्वेशन प्रोग्राम’ (श्वान संरक्षण कार्यक्रम) शुरू करने पर विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में आने वाले पर्यावरणीय संकटों का समय रहते आकलन और समाधान किया जा सके। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में स्गियाथ की यह कहानी पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुकी है कि कैसे सूझबूझ और प्रकृति के प्रति प्रेम से बड़े से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।

Translate »
error: Content is protected !!