द टारगेट न्यूज़:
सोमवार का दिन सुरजीत हॉकी अकादमी के युवा खिलाड़ियों के लिए एक यादगार और जीवनभर का अवसर साबित हुआ, जब डच हॉकी के दिग्गज और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता फ्लोरिस जैन बोवेलैंडर ने उन्हें ड्रैग फ्लिकिंग के विशेष गुर सिखाए। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम पहुंचे बोवेलैंडर ने अकादमी से जुड़े युवा खिलाड़ियों के साथ अपने खेल के अनुभव और व्यावहारिक सुझाव साझा किए। इस प्रशिक्षण सत्र में आकाशदीप, हरसिमरन सिंह औरक्षित सलारिया सहित कई उभरते हुए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो अब तक केवल सोशल मीडिया और वीडियो के जरिए ही इस दिग्गज को देखते आए थे। कपूरथला से ताल्लुक रखने वाले और हाल ही में यू-18 एशिया कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे 16 वर्षीय आकाशदीप ने इस मुलाकात को अपने लिए अत्यंत विशेष बताया। अमृतसर के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हरसिमरन सिंह ने साझा किया कि बोवेलैंडर ने उन्हें बिना किसी दबाव के खेलने की सलाह दी और मैदान पर आनंद लेने का मूल मंत्र दिया। वहीं, पठानकोट के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी औरक्षित सलारिया ने बताया कि डच लीजेंड ने उन्हें ड्रैग फ्लिकिंग के दौरान सही शारीरिक स्थिति बनाए रखने, गेंद को नियंत्रित करने और झटके (जर्क) के साथ सही मूवमेंट निष्पादित करने की तकनीक समझाई। नीदरलैंड के लिए 241 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 215 गोल दागने वाले और 1990 विश्व कप व 1996 अटलांटा ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता बोवेलैंडर ने ओलंपिक आंदोलन में भारत और पाकिस्तान के एशियाई देशों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी की कल्पना पंजाब के बिना नहीं की जा सकती क्योंकि उनकी अधिकांश यादें पंजाब के खिलाड़ियों से जुड़ी हैं। बोवेलैंडर ने युवा खिलाड़ियों को संदेश दिया कि मैदान पर सबसे बड़ी गलती कोशिश न करना है और खिलाड़ियों को खेल का आनंद लेना चाहिए, साथ ही उन्होंने कोचों से भी आग्रह किया कि वे इस खेल को बच्चों के लिए मनोरंजक बनाएं।


















