चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(“Airfares Rise Due to Expensive Fuel”) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब आम यात्रियों की जेब पर साफ दिखने लगा है। अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे एविएशन सेक्टर पर दबाव बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि कई बड़ी एयरलाइंस को टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।
IndiGo और Air India समेत कई कंपनियों ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेट फ्यूल की कीमतें 85-90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 150-200 डॉलर तक पहुंच गई हैं। चूंकि एयरलाइंस के कुल खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 25% होती है, इसलिए कंपनियां लागत संभालने के लिए किराए बढ़ाने को मजबूर हैं।
भारत में एयर इंडिया ने दूरी के आधार पर 299 से 899 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज लागू किया है। वहीं इंडिगो घरेलू उड़ानों पर करीब 950 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 10,000 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रही है। इसके अलावा AirAsia, Air France-KLM और Lufthansa जैसी वैश्विक एयरलाइंस भी किराए बढ़ाने और उड़ानों में कटौती जैसे कदम उठा रही हैं।
सिर्फ किराए ही नहीं, बल्कि बैगेज फीस और अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की जा रही है। कई एयरलाइंस अपनी विस्तार योजनाओं को टालकर लागत घटाने पर फोकस कर रही हैं।
कुल मिलाकर महंगे ईंधन का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। आने वाले समय में अगर हालात नहीं सुधरे, तो हवाई यात्रा और भी महंगी हो सकती है, जिससे आम आदमी की यात्रा योजनाओं पर असर पड़ना तय।



















