द टारगेट न्यूज़ वेब डेस्क
(“Akshaya Tritiya 2026: Rare Auspicious Yoga After 10 Years, Luck Set to Shine! “) सनातन धर्म में का विशेष महत्व माना जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पावन पर्व इस वर्ष 20 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय’ तृतीया कहा जाता है।
इस बार अक्षय तृतीया और भी खास बन रही है क्योंकि करीब 10 साल बाद यह शुभ दिन सोमवार को पड़ रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। इस दिन सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होंगे, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाएगा।
इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं जैसे गजकेसरी योग, मालव्य राजयोग और त्रिपुष्कर योग, जो धन, समृद्धि और सफलता के द्वार खोलने वाले माने जाते हैं। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही नए व्यवसाय की शुरुआत, विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य भी किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
इसके अलावा दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। इस दिन जल से भरे घड़े, सत्तू, पंखा और छाता दान करना शुभ फल प्रदान करता है। कुल मिलाकर, यह दिन जीवन में तरक्की और खुशहाली लाने का सुनहरा अवसर है।



















