Home Breaking News पूर्व ED अधिकारी और PNB मैनेजर पर CBI का 93.24 लाख रुपये...

पूर्व ED अधिकारी और PNB मैनेजर पर CBI का 93.24 लाख रुपये अवैध संपत्ति का शिकंजा !

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(CBI Books Ex-ED Officer, PNB Manager in Rs 93.24 Lakh DA Case)केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शिमला के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व सहायक निदेशक विशाल दीप और उनके भाई विकास दीप, जो पंजाब नेशनल बैंक (PNB), नई दिल्ली में वरिष्ठ प्रबंधक हैं, के खिलाफ 93.24 लाख रुपये की असंगत संपत्ति (DA) का मामला दर्ज किया है। CBI का आरोप है कि विशाल दीप ने 2024 में केवल 10 महीनों के भीतर अपनी ज्ञात आय से 231 प्रतिशत अधिक, यानी 93.24 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की।

➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।

यह मामला 23 दिसंबर 2025 को CBI एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB), चंडीगढ़ में दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विशाल दीप ने सार्वजनिक सेवा में रहते हुए जानबूझकर अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति जमा की, जिसमें उनके बैंकिंग पेशे से जुड़े भाई का सक्रिय सहयोग भी शामिल था। दोनों आरोपी हरियाणा के भिवानी के दुर्गा कॉलोनी में रहते हैं।

Video देखें: हिमाचल प्रदेश के IGMC में डॉक्टर ने मरीज की धुनाई कर डाली।

मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धाराओं 12, 13(2) और 13(1)(b) के तहत दर्ज किया गया। FIR CBI इंस्पेक्टर अरुण अहलावत की लिखित शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें कई एजेंसियों से प्राप्त वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई।
जांच में पता चला कि 1 मार्च 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक विशाल दीप की संपत्ति और खर्च उनकी ज्ञात वैध आय से काफी अधिक थे। FIR के अनुसार, 56.41 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, साथ ही गुड़गांव से 14.73 लाख रुपये अतिरिक्त नकद भी मिले। जांच में कई संदिग्ध उच्च मूल्य के लेन-देन सामने आए, जिनमें परिवार के सदस्यों के बैंक खाते भी शामिल थे।

Video देखें: पंजाब हिमाचल सीमा पर नंगल…के जंगल कट रहे हैं… कानून सो रहा है… और मा+फि+या बेखौफ घूम रहा है !

CBI ने कहा कि नकदी बरामदगी और लेन-देन के पैटर्न को देखते हुए अन्य परिवार सदस्यों की भूमिका को अभी खारिज नहीं किया जा सकता। जांच CBI, ACB, चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर मुकुल को सौंपी गई है और FIR पर डॉ. नवदीप सिंह बरार ने हस्ताक्षर किए हैं। CBI ने कहा कि आगे की जांच में पैसे के स्रोत का पता लगाने, बरामदियों की पुष्टि करने और अन्य संभावित परिवारिक भागीदारी की जांच जारी रहेगी।

Video देखें: तख्त साहिब की गरिमा सर्वोपरि,बिना सहमति कोई निर्माण मंज़ूर नहीं,श्री आनंदपुर साहिब में विकास या आस्था ?

Video देखें: रुपनगर शहर में गांवों को शामिल करने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन ! मक्कड़-वाही-सत्याल में तकरार,जोरदार गहमागहमी बिगड़ गया माहौल !

Translate »
error: Content is protected !!