नई दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(Kargil Hero Colonel Sonam Wangchuk Passes Away) देश के लिए गर्व और बहादुरी की मिसाल रहे कारगिल युद्ध के नायक कर्नल सोनम वांगचुक का शुक्रवार सुबह लेह में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। ‘लद्दाख के शेर’ के नाम से मशहूर वांगचुक ने अपने साहस और नेतृत्व से भारतीय सेना का नाम ऊंचा किया था।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कर्नल वांगचुक साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अटूट समर्पण के प्रतीक थे। वहीं जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
कर्नल वांगचुक ने कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन विजय’ में अहम भूमिका निभाई थी। उस समय वे मेजर के पद पर थे और लद्दाख स्काउट्स की चौथी बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे। कठिन परिस्थितियों और ऊंचे इलाकों में उन्होंने दुश्मनों के खिलाफ शानदार कार्रवाई करते हुए चोरबाट ला क्षेत्र पर कब्जा किया था और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया था।
उनकी वीरता के लिए उन्हें भारत के दूसरे सबसे बड़े युद्ध सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। भारतीय सेना ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है।
कर्नल सोनम वांगचुक का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान की मिसाल था। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और वे हमेशा देश के सच्चे हीरो के रूप में जाने जाएंगे।



















