चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Congress Expels Dr Navjot Kaur Sidhu from Party)पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब कांग्रेस पार्टी ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला लिया। यह जानकारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से दी। गौरतलब है कि इससे पहले डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित किया गया था, लेकिन अब कांग्रेस ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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डॉ. नवजोत कौर सिद्धू, पूर्व क्रिकेटर और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं और लंबे समय से पार्टी में अपनी मुखर राय के लिए जानी जाती रही हैं। भूपेश बघेल अमृतसर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. राजकुमार वेरका के निवास पर पहुंचे थे, जहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और लगातार बयानबाजी के चलते यह फैसला लिया गया है। हालांकि, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पहले ही कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर चुकी थीं।
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इस पूरे घटनाक्रम ने तब और तूल पकड़ लिया, जब डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राजा वड़िंग को अब तक का सबसे नाकाबिल और भ्रष्ट प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए कहा था कि पार्टी को निजी फायदे के लिए कमजोर किया गया। उन्होंने यहां तक दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
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विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने चंडीगढ़ में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कथित तौर पर यह बयान दिया कि मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये का “ब्रीफकेस” चाहिए। इसके बाद कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगे कि पार्टी में टिकट और पद पैसों के दम पर दिए जाते हैं। इन्हीं बयानों को पार्टी विरोधी मानते हुए पहले उन्हें निलंबित किया गया और अब निष्कासन की कार्रवाई की गई है।
इस घटनाक्रम को पंजाब की सियासत में कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

















