नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Gold & Silver Seen Range-Bound as Fed Cues Drive Volatility)अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक संकेतों और Federal Reserve के रुख के बीच इस सप्ताह सोना-चांदी के बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रहने की संभावना है। निवेशकों की नजर खासतौर पर महंगाई के प्रमुख पैमाने PCE, जीडीपी ग्रोथ, रोजगार आंकड़ों और फेड अधिकारियों के बयानों पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं से ब्याज दरों की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमती धातुएं किसी बड़े ट्रेंड की बजाय सीमित दायरे में कारोबार कर सकती हैं, लेकिन अस्थिरता बढ़ेगी।
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घरेलू स्तर पर Multi Commodity Exchange (MCX) में पिछले सप्ताह चांदी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। फरवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने संकेत दिया है कि फेड जल्द दर कटौती नहीं करेगा, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।
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हालांकि सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव सोने को सहारा दे रहे हैं। एशियाई बाजारों में त्योहारी मांग भी गिरावट को सीमित कर रही है। यही वजह है कि बाजार में तेजी और गिरावट की ताकतें बराबरी पर नजर आ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX पर सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार कर रहे हैं। मजबूत डॉलर, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और ETF निवेशकों की बिकवाली ने तेजी की रफ्तार को थाम दिया है। चांदी पर औद्योगिक धातुओं में कमजोरी का अतिरिक्त असर पड़ा है।
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विश्लेषकों के अनुसार जब तक अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक सोना-चांदी रेंज में ही रह सकते हैं। निवेशकों को बड़े दांव लगाने की बजाय चरणबद्ध निवेश और वैश्विक आंकड़ों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल बाजार ‘वेट-एंड-वॉच’ मोड में है।

















