श्री आनंदपुर साहिब। राजवीर दीक्षित
(Administration Gears Up for Hola Mohalla Festival)पंजाब के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक पर्व होला मोहल्ला को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डिप्टी कमिश्नर रूपनगर आईएएस अदित्या डचलवाल ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब और कीरतपुर साहिब पहुंचेंगे, ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
Video देखें: ड*कै*ती और 1 किलो हेरोइन से जुड़े मामले में रोपड़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल
पार्किंग व्यवस्था, फॉगिंग, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा टीमों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवाएं, हेल्प डेस्क, सीसीटीवी कैमरे और एलईडी सूचना बोर्ड समय रहते सक्रिय किए जाएंगे।
Video देखें: नंगल–भाखड़ा मार्ग पर हुए झगड़े का सच जानना चाहते हैं लोग 🤔🔥 आख़िर अचानक विवाद क्यों भड़का? असली वजह क्या थी?
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनिंदर सिंह ने कहा कि होला मोहल्ला के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और सीसीटीवी व संयुक्त पेट्रोलिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: हिमाचल के स्कूलों में डिजिटल अनुशासन: 1 मार्च से मोबाइल पर पूरी तरह रोक !
डिप्टी कमिश्नर ने दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी “सेवा की भावना” के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि होला मोहल्ला पर्व सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से यादगार बने।

















