नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(India–US Trade Deal Boosts Markets)भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़े व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर देखने को मिला। इस India-US डील के ऐलान के साथ ही शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस समझौते की घोषणा करते हुए बताया कि भारत पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है।
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ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भारत अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के सामान की खरीद कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस सौदे में कृषि उत्पादों की भी अहम भूमिका हो सकती है। कृषि आयात को लेकर देश की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया है। सरकार से इस समझौते की शर्तों को लेकर जवाब मांगा जा रहा है।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अमेरिका से पेट्रोलियम उत्पाद, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम उपकरण और विमान खरीदने पर सहमत हुआ है। इसके साथ ही भारत ने कुछ कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार को सीमित पहुंच देने पर भी सहमति जताई है। अधिकारियों का कहना है कि यह समझौते की पहली किस्त है और आने वाले महीनों में इससे भी बड़े और व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रहेगी।
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अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह सौदा अमेरिका के साथ भारत के व्यापार घाटे को कम करने में मदद करेगा। वहीं वाणिज्य मंत्रालय की ओर से अभी इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी से नवंबर के बीच भारत का अमेरिका को निर्यात 15.88 प्रतिशत बढ़कर 85.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि इसी अवधि में अमेरिका से भारत का आयात 46.08 अरब डॉलर रहा। इस डील को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नए अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है।

















