चंडीगढ़ । द टारगेट न्यूज डेस्क
Mahabharat Navratri Story: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं।
जब भी नवरात्रि और अधर्म पर धर्म की विजय की बात होती है, तो भगवान राम द्वारा शक्ति की पूजा कर रावण वध की कथा सबसे पहले याद आती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि महाभारत काल में भी एक महान योद्धा ने युद्ध से पहले मां दुर्गा की विशेष पूजा की थी।
अर्जुन ने की थी मां दुर्गा की आराधना
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पांडवों में सबसे महान धनुर्धर अर्जुन ने भी महाभारत के युद्ध से पहले मां दुर्गा की आराधना की थी। कहा जाता है कि जब कुरुक्षेत्र का महायुद्ध शुरू होने वाला था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को देवी दुर्गा की उपासना करने की सलाह दी थी।
श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि यदि वे धर्म की इस लड़ाई में विजय प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले मां दुर्गा का आशीर्वाद लेना चाहिए। भगवान कृष्ण की सलाह मानते हुए अर्जुन ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ देवी दुर्गा की पूजा की।
देवी दुर्गा ने दिया विजय का आशीर्वाद: कथा के अनुसार अर्जुन की भक्ति से प्रसन्न होकर मां दुर्गा प्रकट हुईं और उन्हें युद्ध में विजय का आशीर्वाद दिया। देवी ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए लड़े जा रहे इस युद्ध में अंततः पांडवों की ही जीत होगी।
इसके बाद अर्जुन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ युद्ध में भाग लिया और अंत में महाभारत के भीषण युद्ध में पांडवों की विजय हुई।
नवरात्रि पूजा का महत्व: नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा की साधना के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इन दिनों व्रत, पूजा, पाठ और दुर्गा सप्तशती के पाठ से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।



















