दिल्ली | राजवीर दीक्षित
(Preparation for major relief in U.S. visa rules) अमेरिका में काम कर रहे विदेशी डॉक्टरों और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी संसद में एक नया बिल पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को H-1B वीज़ा पर लगाई गई भारी 1,00,000 डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) की फीस से छूट दिलाना है।
इस प्रस्ताव को “H-1Bs for Physicians and the Healthcare Workforce Act” नाम दिया गया है।
यह बिल खास तौर पर उन अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए राहत लेकर आ सकता है, जो विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों पर निर्भर हैं। सांसदों का मानना है कि इतनी भारी फीस के कारण अस्पतालों को डॉक्टरों की भर्ती में कठिनाई हो रही है, जिससे पहले से मौजूद डॉक्टरों की कमी और गंभीर हो सकती है। इसका सीधा असर आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है, जहां पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 8.7 करोड़ अमेरिकी ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। सांसदों ने चेतावनी दी है कि यदि यह फीस जारी रहती है, तो इन इलाकों में स्थिति और खराब हो सकती है।
इस बिल को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) सहित कई बड़ी संस्थाओं का समर्थन मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में मदद करेगा।
अगर यह बिल पास हो जाता है, तो अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय डॉक्टरों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगा और उन्हें वीज़ा प्रक्रिया में आसानी मिल सकेगी।



















