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हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को आखिर क्यों मिलना पड़ा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से, जाने सारी जानकारी।

शिमला । राजवीर दीक्षित

(Union Health Minister Assures Support for Himachal’s Ambitious Bulk Drug Park Project) हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा से एक महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान, हरोली विधानसभा के प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क की प्रगति पर व्यापक चर्चा हुई।

इस अवसर पर बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की कमी और उसकी जरूरतों के बारे में भी डिप्टी सीएम की और से उन्हें अवगत करवाया गया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हरसंभव सहयोग और मदद का आश्वासन दिया है।

बल्क ड्रग पार्क की महत्वता:

भारत सरकार द्वारा देशभर में स्वदेशी दवा निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गई है। इसमें बल्क ड्रग पार्क एक प्रमुख कदम है। हरोली विधानसभा में यह बल्क ड्रग पार्क राज्य के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

इस पार्क से दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और दवा उद्योग में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा, दवाओं की लागत कम होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। इस ड्रग पार्क को लाने में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विशेष योगदान है।

राज्य सरकार की ओर से इस पार्क को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग उठाई जा रही है। मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री को इस परियोजना के लिए अतिरिक्त राशि की आवश्यकता के बारे में भी विस्तार से बताया गया। परियोजना के विस्तार और उचित कार्यान्वयन के लिए राज्य को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, ताकि इसे सुचारू रूप से चलाया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने इस दिशा में राज्य को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

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ऊना में पीजीआई और मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव:

बल्क ड्रग पार्क के अलावा, मुकेश अग्निहोत्री ने मुलाकात में ऊना जिले के प्रस्तावित पीजीआई (पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) की स्थापना पर भी चर्चा की गई।

ऊना में पीजीआई की स्थापना से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध हो सकेंगी। इससे न केवल क्षेत्र के नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि अन्य राज्यों से भी लोग यहाँ आकर चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

राज्य की तरफ से मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि इस प्रस्तावित पीजीआई परियोजना को गति दी जाए, ताकि इसे शीघ्र पूरा किया जा सके।

राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए हरसंभव सहयोग का वादा भी किया। पीजीआई की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े अवसर पैदा होंगे।

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ऊना में मेडिकल कॉलेज की मांग:

ऊना जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की भी वकालत की गई। यह मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। वर्तमान में, ऊना जिले में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की कमी है, और एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना से इस कमी को दूर किया जा सकेगा।

मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि प्रदेश भर से छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे ऊना जिले को एक प्रमुख चिकित्सा शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री का समर्थन:

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया और राज्य को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से, बल्क ड्रग पार्क और पीजीआई जैसी परियोजनाएं स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास दोनों ही क्षेत्रों में मील का पत्थर साबित होंगी।

डिप्टी सीएम ने मुलाकात के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री ने इस दिशा में तेजी से काम करने और आवश्यक धनराशि जारी करने का आश्वासन दिया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ हुई मुकेश अग्निहोत्री की इस मुलाकात को प्रदेश के स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बल्क ड्रग पार्क, पीजीआई और मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में न केवल औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य को स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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